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पांच राज्यों के चुनाव परिणाम विस्मयकारी , सक्षम विकल्प नहीं होने का लाभ भाजपा को चार राज्यों में मिला

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कांग्रेस और अकाली से असंतुष्ट पंजाब ने आप को अवसर दिया है
लोकतांत्रिक विचार मंच में 5 राज्यों के चुनाव परिणामों पर चर्चा

   दुर्ग / शौर्यपथ / लोकतांत्रिक विचार मंच द्वारा आज दुर्ग के तीर्थराज पैलेस में 5 राज्यों के चुनाव परिणामों पर चर्चा का आयोजन किया गया, चर्चा की शुरूवात करते हुए बृजेंद्र तिवारी ने कहा कि 4 भाजपा शासित राज्यों में भाजपा की सरकारों के खिलाफ जबरदस्त असंतोष नजर आ रहा था किंतु चुनाव परिणामों में इसका असर दिखाई नहीं दिया इस तरह चुनाव परिणाम विस्मयकारी है, विनोद सोनी ने चर्चा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि जनता में असंतोष के बावजूद चुनाव वाले राज्यों में विपक्ष जनता का भरोसा जीतने में विफल रही है जिसका लाभ भाजपा को मिला है, श्यामलाल साहू ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि मोदी सरकार के खिलाफ एक साल से अधिक आंदोलन हुआ किंतु यूपी और पंजाब के चुनाव को प्रभावित करने वाला प्रमुख चुनावी मुद्दा नहीं बन सका इससे जन आंदोलन को धक्का लगा है, लवकुश सिंगरौल ने चुनाव सिस्टम पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि 2त्न वोट पाने वाली कांग्रेस को 2 सीटें और 12त्न वोट पाने वाली बसपा को सिर्फ 1 सीट पर जीत मिली है इस लिहाज से चुनाव परिणाम जनता का सही प्रतिनिधित्व नहीं करती है, घनश्याम सोनी ने पंजाब में आप को मिले बम्पर जीत का श्रेय केजरीवाल के बेदाग छबि और दिल्ली सरकार के जनहितैषी कार्यों को देते हुए कहा कि पंजाब की जनता कांग्रेस और अकाली दोनों से नाराज रही है और आप को सरकार चलाने का मौका दिया है, वसंत उईके ने कहा कि यूपी के चुनाव में मायावती और ओवैसी की पार्टियां चुनाव जीतने में भाजपा की खेवनहार साबित हुई है, अरूण सार्वा ने अपनी बात रखते हुए कहा कि भाजपा को पराजित करने की क्षमता किसी राष्ट्रीय दल में नहीं है सिर्फ क्षेत्रीय राजनीतिक दलों में ही भाजपा के विजय अभियान को रोकने की क्षमता है,
चर्चा का संचालन करते हुए एड. राजकुमार गुप्त ने सवाल किया कि केजरीवाल और आप ने सिर्फ पंजाब की जनता को ही प्रभावित क्यों किया अन्य राज्यों में क्यों असर नहीं दिखा ? उन्होंने अपनी बात रखते हुए आगे कहा कि 5 राज्यों के चुनाव परिणाम देखकर ऐसा लगता है कि मंहगाई, बेरोजगारी जैसे मुद्दे अब चुनाव परिणाम में असरकारी नहीं रह गये है, किसान और मजदूर आंदोलन आदि का भी चुनाव पर प्रभाव नहीं होता है, चर्चा में आर पी गजेंद्र, कल्याणसिंह ठाकुर, एस एल चौहान और भूषण लाल साहू ने भी अपने विचार रखे, चर्चा के आरंभ में शहीद भगतसिंह, राजगुरू और सुखदेव को उनकी शहादत के लिये श्रद्धांजली अर्पित किया गया ।

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शौर्यपथ

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