दुर्ग / शौर्यपथ / नगर निगम के पूर्व महापौर चंद्रिका चंद्राकर ने आज दुर्ग शहर विधायक अरुण वोरा पर कोविड 19 के तहत 14 दिनों के होम कवांराटाईन नियम का खुलेआम उलंघन करने व जिला प्रशासन द्वारा इस पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं किए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि अब राज्य में कोरोना संक्रमण तेजी बढ़ रहा है तथा राज्य सरकार द्वारा कल से 8 दिनों लॉक डॉउन कर आम लोगों के लिए कड़ाई करने जा रही है तब वहीं देश के सबसे संक्रमित राज्य दिल्ली से लौटने के पश्चात नियमानुसार होम कवांराटाईन होने के बजाए विधायक महोदय द्वारा खुलेआम अपनी ही राज्य सरकार द्वारा बनाए गए नियम का धज्जियां उड़ाते हुए अपने स्वागत से लेकर भंडार गृह निगम अध्यक्ष पदभार लेने तक मुख्यमंत्री से लेकर मंत्रियों तक और यहां शहर में स्थानीय स्तर पर महापौर जनप्रतिनिधि व आम लोगों से प्रतिदिन संपर्क कर जिस प्रकार सत्ता का दुरुपयोग कर जन समान्य के स्वास्थ्य को खतरे में डालने का प्रयास किया है वह अत्यंत निंदाजनक है और इस पर कड़ी कारवाही होनी चाहिए ।
इस सम्बन्ध में प्रेस को जारी एक वक्तव्य में पूर्व महापौर चंद्रिका चंद्राकर ने आज विधायक वोरा पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि जब से प्रदेश में भूपेश बघेल की कांग्रेस सरकार बनी है तब से दुर्ग विधायक निरंकुश हो गए है निगम से लेकर प्रशासन तक शहर के प्रत्येक कार्यों में अपनी दबदबा दिखाने व वाहवाही लूटने की राजनीति के चलते वे नियम कानून को भी ताक में रखने से परहेज़ नहीं कर रहे है जिसका ताजा उदारहरण आज जनता ने भी देख लिया है कि किस प्रकार वे अपने पद व प्रभाव का दुरुपयोग कर जनस्वास्थ्य को खतरे में डाल रही है एक तरफ जब पूरी दुनिया कोराना के वैश्विक महामारी से जूझ रहा है तथा अब प्रदेश में भी यह वायरस तेजी फैल रहा है तब प्रशासन द्वारा आम जनता पर सख्ती बरती जा रही है लेकिन सरकार में बैठे लोगों द्वारा जब नियम कानून तोड़ी जा रही हो तो उस पर आखे बन्द कर ली जाती है यह आम व खास में फर्क नहीं होनी चाहिए पूर्व महापौर ने आगे कहा कि देश की राजधानी दिल्ली इस समय सबसे ज्यादा कोरॉना संक्रमित राज्यो में से एक है यहां की भूपेश बघेल सरकार ने ही यह नियम बनाए है कि कोई भी व्यक्ति जब दूसरे राज्य से लौटेंगे तो उन्हें नियमतः 14 दिनों के लिए होम कवांराटाईन होना अनिवार्य है पर यहां विधायक महोदय ने तो सारे हदे पार कर दी है दिल्ली से लौटने के दूसरे दिन राज्य शासन में बेवरेज निगम अध्यक्ष बनने की खुशी में लोगो के स्वास्थ्य को भी दरकिनार कर अपने स्वागत कराने न केवल निगम कार्यालय में भीड़ इकट्ठा किया और महापौर सहित तमाम अधिकारी व जनप्रतिनिधि से मिले बल्कि राजधानी में मुख्य मंत्री से भी मिल आए और उनके घर पर खाद्य मंत्री तक पहुंच गए वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा खानापूर्ति करते हुए 4 दिनों बाद घर के पिछले दरवाजे में होम कवारानिय का सूचना चस्पा करना और उसके बाद भी विधायक महोदय द्वारा राजधानी जाकर मंत्री व अपने समर्थकों की मौजूदगी में कार्यभार ग्रहण करना यह सरासर नियम कानून का धज्जियां उड़ाना है इस पर सरकार व प्रशासन को जवाब देना चाहिए कि जब वह लॉक डॉउन कर गरीबों से लेकर आम जन को घर से निकलने पर प्रतिबंधित कर रहे है तो नियम तोड़ कर खुलेआम घूमने वाले विधायक पर क्या कार्यवाही करेंगे यह आम व खास का भेदभाव बन्द करना चाहिए पूर्व महापौर चंद्रिका चंद्राकर ने जिला प्रशासन से मांग कि है कि वे कोरोना के मामले पर भेदभाव पूर्ण कार्यवाही बंद कर कोवीड 19 नियम का उलंघन करने वाले विधायक अरुण वोरा के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करते हुए उनके संपर्क में आने वाले सभी राजनेताओं व जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को भी होम कवांराटाईन करने की मांग की है।