धर्मांतरण के रोक पर 15 साल भाजपा सरकार ने क्या क्या ....
छत्तीसगढ़ / शौर्यपथ / द केरल स्टोरी फिल्म में दिखाई गयी कहानी कितनी सच है कितनी झूठ इस पर अभी तक किसी ने भी तथ्यात्मक उत्तर नहीं दिया किन्तु राजनीती चर्चा का विषय अवश्य बन गया . एक ओर भाजपा जहां इस फिल्म के प्रचार में अपरोक्ष रूप से आगे है वही गैर भाजपाई इसका विरोध कर रहे है सच चाहे जो भी हो किन्तु इसकी आंच को छत्तीसगढ़ में भी मुखर किया जा रहा है और प्रदेश में धर्मांतरण पर भी सवाल उठाये जा रहे है . भाजपा की कद्दावर नेता राज्य सभा सांसद (@SarojPandeyBJP) ने ट्विटर अकाउंट से ऐसा ही विडिओ जारी कर प्रदेश सरकार से सवाल पूछ लिया किन्तु वही आम जनता के मन में भी कई तरह के सवाल सामने आ रहे है भूपेश सरकार को तो अभी सिर्फ साढ़े चार साल हुए किन्तु प्रदेश में भाजपा सरकार तो 15 साल सत्ता में थी ऐसे में भाजपा सरकार ने क्या क्या कदम उठाये उस पर कोई भी अपनी राय नहीं रख रहा कोई भी राजनेता यह नहीं बता पा रहा कि धर्मांतरण के विरुद्ध पूर्ववर्ती सरकार के क्या महत्तवपूर्ण कदम थे . क्या सिर्फ राजनीती के लिए ही फिल्मो का सहारा लेकर राजनीति रोटी सेंकने की कोशिश है . भर्ष्टाचार , महंगाई , रोजगार , विकास जैसे मुद्दे राजनीती में अब क्या लुप्त हो रहे है जो फिल्मो का सहारा लेकर राजनीती की जा रही है आखिर आम आदमी के जमीनी मुद्दे कहा गायब हो गए .
वही दूसरी ओर राजनीती चर्चा भी जोरो पर है कि राज्यसभा सांसद ने धर्मांतरण के मुद्दे पर एक साथ दो दो सन्देश दे दिए एक तो वर्तमान भूपेश सरकार पर सवाल दाग दिया वही आम जनता को यह सोंचने पर भी मजबूर कर दिया कि 15 साल तक सत्ता में रही रमन सरकार द्वारा भी इस मुद्दे पर कोई ख़ास पहल नहीं की गयी आखिरकार 15 साल भाजपा का भी तो शासन था .