हाथ से हाथ जोड़ो या कार्यकर्ता पार्टी का साथ छोड़ो, चार का किया बिना जांच के निष्कासन, कार्यकर्ता ने सोशल मीडिया के माध्यम से पीसीसी से किया सवाल
कोण्डागांव । शौर्यपथ । कोंडागांव जिले के केशकाल विधानसभा में इन दिनों कांग्रेस पार्टी खिंच तान देखने को मिल रहा है जहाँ शोसल मीडिया में प्रदेश अध्यक्ष से सवाल पूछे जा रहे है साथ ही एक तरफा फैसले का विरोध भी सोशल मीडिया में देखने को मिल रहा है कुछ दिन पूर्व में ही अविश्वास प्रस्ताव केशकाल नगर पालिका में लाया गया था अविश्वास प्रस्ताव आते ही पूरे केशकाल नगर में अलग अलग बातों के साथ साथ पार्टी में भी कई बातें देखने को मिल रही थी जिसके बाद प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम के समक्ष बाते आते ही उन्होंने कांग्रेस के चार कार्यकर्ताओं को छः साल के लिए निष्कासित कर दिया जिसके बाद लगातार कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के ऊपर बातें उठने लगी है कहा जा रहा है अगर कोई कार्यकर्ता कोई गलती करता है तो उसे पहले तो नोटिस दिया जाता हैं फिर नोटिस में स्पष्टीकरण की मांग की जाती हैं जिसके फलस्वरूप निर्णय लिया जाना था यह नियम कांग्रेस पार्टी लागू करता है पर अचानक लिए गए निर्णय से पार्टी के कार्यकर्ता नाखुश नजर आ रहे हैं।
आप को बतादे की कुछ दिन पूर्व ही कांग्रेस पार्टी द्वारा सभी विधानसभाओं में हाथ से हाथ जोड़ो अभियान चलाया गया था इसपर अब सवाल उठ रहे है जब कार्यकर्ताओं का गलती देखे बिना ही हाथ छोड़ दिया नए तो कैसे थमेगी पार्टी हाथ ।
क्या कहते है पीसीसी चीफ -----
प्रदेश अध्यक्ष एवं कोंडागांव विधायक मोहन मरकाम ने शोशल मीडिया में उनके बारे मे चल रही बातो का खंडन करते हुए कहा है की जो भी पार्टी के गाइड को नही मानेगा, अनुसाशनहिन कृत्य करेगा उसे बाहर निकाल जायेगा। केशकाल के चार पार्षदों द्वारा भाजपा के साथ मिल अध्यक्ष,उपाध्यक्ष को हटाने का षड्यंत्र किया गया था।