दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग कांग्रेस संगठन में संगठनात्मक कार्यों में बदलाव की उम्मीद कर रहे कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का मानना है कि अगर दुर्ग कांग्रेस संगठन में बड़े बदलाव नहीं हुए तो दुर्ग में कांग्रेस का दोबारा सत्ता में आना मुश्किल नजर आ रहा है . कांग्रेस के ऐसे कई कार्यकर्ता है जो दुर्ग कांग्रेस में बड़े बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में जिस तरह कांग्रेस संगठन निष्क्रीय रहा और चंद लोगों के पास ही फैसले के अधिकार रहे जिसके कारण कार्यकर्ता उस जोश के साथ कार्य नहीं कर पाए जिस जोश के साथ चुनाव में कार्यकर्ता कार्य करते हैं . कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की ऐसी लंबी लिस्ट है जो दुर्ग कांग्रेस के संगठन की कार्य प्रणाली से असंतुष्ट हैं कांग्रेस संगठन सिर्फ बंगले तक सीमित होने के कारण और लगातार 5 सालों तक उपेक्षा का शिकार होने के कारण कार्यकर्ताओं में वह जोश नहीं दिखा जो किसी भी चुनाव में दिखता है .
ऐसे में अब दुर्ग कांग्रेस के कार्यकर्ता जो कांग्रेस से कट्टर समर्थक हैं और एक बार फिर पूरे जोश के साथ कार्य करना चाहते हैं परंतु कमजोर संगठन और चंद लोगों के एकाधिकार के कारण उनकी क्षमता का सही उपयोग नहीं हो रहा है हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में संगठन कहीं पर भी सक्रिय नजर नहीं आया वैसे तो संगठन में 300 से 400 पदाधिकारी हैं किंतु सभी सिर्फ दिखावा मात्र ही साबित हुए .
आने वाले समय में लोकसभा चुनाव फिर नगरीय निकाय चुनाव होने वाले हैं ऐसे में अगर जल्द ही कांग्रेस संगठन में बड़ा फेर बदल नहीं किया गया तो कोई बड़ी बात नहीं होगी कि आने वाले लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस कही मुकाबले की स्थिति में नजर नहीं आएगा वही नगर निगम की सरकार जो 20 सालों बाद कांग्रेस के पास आई एक बार फिर भाजपा के हाथ में चली जाएगी .
अब देखना यह है कि दुर्ग में जिस तरह से कांग्रेस की एक बड़ी हार हुई है उसे पर प्रदेश संगठन दुर्ग कांग्रेस के संगठात्मक स्थिति पर किस तरह से निर्णय लेता है क्या अभी भी दुर्ग कांग्रेस सिर्फ बंगले तक ही सीमित रह जाएगा या फिर आने वाले समय में इसमें कोई बड़ा बदलाव नजर आएगा . हाल ही के चुनाव में यह साफ नजर आया कि कई कांग्रेसी कार्यकर्ताओ ने वोरा बंगले से दुरी बना ली थी व कई कांग्रेसी खुलकर तो कई परदे के पीछे रहकर कांग्रेस के प्रत्याशी के खिलाफ कार्य कर रहे थे ए ऐसे कार्यकर्ता थे जो पिछले पांच सालो तक सिर्फ उपेक्षा के ही शिकार हुए इन्हें वह महत्तव नहीं मिला जो किसी सरकार में मिलना चाहिए . इन कार्यकर्ताओ की निष्ठां कांग्रेस के प्रति तो थी किन्तु कांग्रेस प्रत्याशी के प्रति खासी नाराजगी भी देखने को मिली आने वाले समय में प्रदेश कांग्रेस संगठन दुर्ग कांग्रेस को एक बार फिर किस तरह से सक्रीय करता है यह देखने वाली बात होगी .