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निकाय चुनाव :राजेश यादव की दावेदारी मजबूत, क्या मनीष यादव लड़ेंगे निर्दलीय चुनाव? Featured

राजेश यादव की दावेदारी मजबूत मनीष यादव लड़ेंगे निर्दलीय चुनाव? राजेश यादव की दावेदारी मजबूत मनीष यादव लड़ेंगे निर्दलीय चुनाव?
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दुर्ग। शौर्यपथ। निगम चुनाव का आगाज हो चूका है 15 जनवरी के बाद कभी भी आचार संहिता लगने की संभावना है ऐसे मे दावेदारो की फौज अपने अपने पार्टी के आकाओ की परिक्रमा लगाने लगे है. इस बार महापौर का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से हो रहा है ओबीसी महिला आरक्षित होने से कई प्रबल दावेदार अब अप्रत्यक्ष प्रणाली से होने वाले सभापति के लिए प्रयासरत है. 

कांग्रेस मे घमासान मचा हुआ है प्रबल दावेदारो मे धीरज बाक़लीवाल, मदन जैन, राजेश यादव का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है. जिसमे से धीरज बाक़लीवाल और मदन जैन वार्ड आरक्षण के कारण नये वार्ड की तलाश मे है वही राजेश यादव का वार्ड सामान्य घोषित होने से उसी वार्ड से चुनाव की तैयारी कर रहे किन्तु इस वार्ड मे मनीष यादव की दावेदारी राजेश यादव से ज्यादा मजबूत नजर आ रही है वही वार्ड की जनता राजेश यादव के निष्क्रियता से दुरी बनाये हुए है.

  पिछले 5 साल मे वार्ड मे जल जीवन मिशन जैसी बड़ी योजना का लाभ ना दिला पाने के कारण जनता मे रोष है वही वार्ड की सुरक्षा के लिए कई दर्ज़न सी सी टीवी कभी पूर्ण कार्य नहीं करना आम जनता मे चर्चा का विषय है. 

  पिछले 5 सालो मे वार्ड मे निष्क्रिय पार्षद का छाप भी लग चूका है जबकि निगम के सभापति और पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रदीप चौबे के करीबी माने जाते है बावजूद इसके संगठन मे और पार्टी मे वो लोकप्रियता हांसिल नहीं कर पाए जिसकी उम्मीद कोंग्रेसी कार्यकर्ताओ को थी सिर्फ मंत्री बँगले और सीएम बँगले के करीबी ही बन पाए. वही सभापति कक्ष से वोरा विरोधी गुट का उदय भी कांग्रेस के पतन का कारण बना. 

इस बार राजेश यादव अगली बार मनीष यादव की....

   पिछले बार के निकाय चुनाव के समय अप्रत्यक्ष प्रणाली से महापौर का चयन होना था तब कांग्रेस की सरकार थी और वार्ड.मे कांग्रेस समर्थक निर्दलीय पार्षद मनीष यादव थे वार्ड मे मनीष यादव सक्रिय एवं लोकप्रिय है इसी का परिणाम रहा की दो बार निर्दलीय जीत दर्ज की और 2019 के निकाय चुनाव मे राजेश यादव के लिए सीट छोड़ी और उनके पक्ष मे 15 साल के वनवास के बाद राजनीती मे आये राजेश यादव को जीत दिलाने अहम् भूमिका निभाई ऐसी भी चर्चा है कि अगली बार के निकाय चुनाव में राजेश यादव वार्ड नंबर 6 से चुनाव ना लड़कर मनीष यादव के लिए प्रयास करेंगे परंतु वर्तमान स्थिति में एक बार फिर राजेश यादव वार्ड नंबर 6 से दावेदारी पेश कर रहे हैं वहीं मनीष यादव ने अपनी दावेदारी पेश कर दी मनीष यादव से चर्चा में यह भी जानकारी मिली है कि अगर मनीष यादव को कांग्रेस से टिकट नहीं मिलेगी तो वह निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरेंगे और एक बार फिर आम जनता के लिए कार्य करेंगे ऐसे में देखना यह है कि क्या राजेश यादव अपने राजनीतिक पहुंच का लाभ उठाकर वार्ड नंबर 6 से टिकट लाते हैं और पिछले निकाय चुनाव में हुए समझौते को तोड़ते हुए फिर से कांग्रेस के बैनर तले चुनाव लड़ते हैं राजनीति में पाल-पाल स्थितियां बदलती हैं ऐसे में वार्ड नंबर 6 में सभी की नजर रहेगी की पुराने वादों को सम्मान दिया जाता है या फिर राजनीतिक पहुंच से टिकट प्राप्त किया जाता है.

     वैसे भी दुर्ग शहर में कांग्रेस की स्थिति आपसी गुटबाजी के चलते काफी बिगड़ चुकी है प्रदेश में सत्ता जाने का कारण भी आपसी गुटबाजी ही रहा और इसी गुटबाजी का परिणाम था कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार का पतन हो गया अगर यही गुटबाजी वर्तमान समय में भी जारी रही तो कोई बड़ी बात नहीं कि निकाय चुनाव में भी कांग्रेस का सुपड़ा साफ हो जाएगा बरहाल वार्ड नंबर 6 से कौन कांग्रेस का प्रत्याशी होगा इस पर वार्ड वासियो सहित राजनीतिक क्षेत्र में जुड़े लोगों की भी नजर रहेगी.

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