Print this page

दुर्ग निकाय चुनाव : वार्ड नंबर 38 से भाजपा के इस प्रत्याशी का नाम फाइनल कमेटी बनी सिर्फ दिखावा मात्र Featured

दुर्ग निकाय चुनाव : वार्ड नंबर 38 से भाजपा के इस प्रत्याशी का नाम फाइनल कमेटी बनी सिर्फ दिखावा मात्र दुर्ग निकाय चुनाव : वार्ड नंबर 38 से भाजपा के इस प्रत्याशी का नाम फाइनल कमेटी बनी सिर्फ दिखावा मात्र shouryapath news
  • rounak group

क्या भाजपा में भी चाटुकारों को मिलेगा टिकट कार्यकर्ताओं की होगी अनदेखी

    दुर्ग / शौर्यपथ / भारतीय जनता पार्टी ने पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में जीत का श्रेय संगठन के कार्यकर्ताओं को माना .संगठन के कार्यकर्ताओं ने निर्वृत्मान अध्यक्ष जितेन्द्र वर्मा के अगुवाई में जो 5 साल मेहनत की उसका परिणाम रहा कि भारतीय जनता पार्टी की पूर्ण बहुमत के साथ प्रदेश में सरकार बनी परंतु सरकार बनते ही अब भारतीय जनता पार्टी में कार्यकर्ताओं की अपेक्षा के प्रारंभिक लक्षण नजर आने लगे हैं .
कुछ दिनों बाद प्रदेश में नगर निगम चुनाव होने वाले हैं वहीं दुर्ग नगर निगम के चुनाव की तैयारी भी कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी ने शुरू कर दी है और दावेदारों की आवेदन फॉर्म की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है परंतु यह प्रक्रिया अब दिखावा मात्र ही प्रतीत हो रही है क्योंकि ऐसी जानकारी मिल रही है कि कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की उपेक्षा भारतीय जनता पार्टी में भी खुलेआम हो रही है ताजा मामले के अनुसार दुर्ग के वार्ड नंबर 38 जो कि पिछड़ा वर्ग घोषित हुआ है ऐसे में वार्ड में पिछड़ा वर्ग के भाजपा कार्यकर्ताओं ने आवेदन फार्म जमा किए हैं परंतु जिन्होंने विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी के लिए मेहनत की और कार्य किया अब उनका नाम पैनल की सूची में भी नहीं है ऐसे व्यक्ति का नाम पैनल की सूची में है जो जैन परिवार के यहां निमंत्रण पत्र बांटने का कार्य करता है और इसी काबिलियत के आधार पर उसकी दावेदारी इतनी मजबूत हो गई की पैनल में प्रथम दावेदार में उनके नाम को अंकित किया गया है.
बता दे की खंडेलवाल कॉलोनी निवासी रामचंद सेन को लगभग वार्ड प्रत्याशी घोषित करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है कोर कमेटी की बैठकें दिखावा मात्र ही साबित हो रही हैं रामचंद सेन के आवेदन फार्म वायरल होने के बाद यह चर्चा जोरों पर है कि जिस आवेदन फॉर्म में यह लिखा है की रामचंद द्वारा जैन परिवारों के घरों में निमंत्रण पत्र बांटने का कार्य किया जाता है जिसके कारण जैन परिवार का हर सदस्य उन्हें जानता है और यही काबिलियत के आधार पर उसे प्रत्याशी घोषित किया जाए इसके बाद इस पत्र के वायरल होने से वार्ड के वह निवासी जो पिछड़े वर्ग से आते हैं अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं सालों बाद वार्ड नंबर 38 को पिछड़े वर्ग आरक्षण का लाभ मिला है ऐसे में एक बार फिर उनके बीच का व्यक्ति को अगर मौका नहीं मिलता तो उनके साथ धोखे की बात होगी.
वार्ड नंबर 38 सदर मंडल वार्ड के अंतर्गत आता है इस मंडल के अध्यक्ष महेंद्र लोढ़ा जो जैन परिवार से आते है . वही एक दावेदार ने नाम ना बताने की शर्त पर कहा है कि वह जब फॉर्म जमा करने गए थे तब विधायक के करीबी ने विधायक के सामने ही स्पष्ट कह दिया था कि वार्ड नंबर 38 से रामचंद सेन के लिए हम तैयारी कर रहे हैं और उसका टिकट लगभग फाइनल है अगर उनकी बात सच होती है तो फिर भारतीय जनता पार्टी जो संगठन को सर्वोपरि मानती है अगर व्यक्ति विशेष की बातों के आधार पर बिना संगठन के फैसले के प्रत्याशी को फाइनल करने की बात कर रही है ऐसे में संगठन के एवं समिति के सदस्यों का औचित्य दिखावा मात्र रह जाएगा और भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित जिला अध्यक्ष एवं निर्वृत्मान जिला अध्यक्ष मात्र रबर स्टैंप के रूप में नजर आएंगे .अब देखना यह है कि क्या संगठन का फैसला पैनल से दिखावे मात्र प्रक्रिया के आधार पर होता है या फिर संगठन निचले स्तर पर इसकी जांच पड़ताल कर आगे की प्रक्रिया पूर्ण करेंगी और काबिल व्यक्ति को चुनावी मैदान में उतारेगी ना कि चाटुकारिता को आधार मानेगी ?

Rate this item
(1 Vote)
शौर्यपथ

Latest from शौर्यपथ