दुर्ग। शौर्यपथ। दुर्गा नगर निगम चुनाव में महापौर का पद महिला ओबीसी होने के कारण कई कांग्रेस नेत्री ने इस पर दावेदारी पेश की चुकी कांग्रेस सत्ता से बाहर है ऐसे में कांग्रेस किसी भी स्थिति में शहरी सरकार में फिर से कब्जा करने किसी ऐसे प्रत्याशी की तलाश कर रही थी जो शहर की जनता को विश्वास दिला सके कि वहां मजबूत दावेदार है ऐसे में राजनीतिक जानकारों का मानना है कि वार्ड में सक्रियता और लोकप्रियता को इसका आधार माना गया कांग्रेस संगठन ने दुर्ग नगर पालिक निगम से महापौर के लिए प्रेमलता साहू को अपना उम्मीदवार घोषित किया है प्रेमलता साहू अपने वार्ड में दो बार पार्षद के रूप में सफल कार्यकाल पूरा कर चुकी है और वार्ड में काफी लोकप्रिय है वहीं तहसील साहू संघ के अध्यक्ष के रूप में श्रीमती प्रेमलता साहू के पति पोषण साहू सक्रिय हैं सामाजिक स्तर पर देखें तो दुर्ग नगर निगम क्षेत्र में 25 से 30% की जनसंख्या साहू समाज की है वहीं दुर्ग विधानसभा क्षेत्र में यादव जाति के विधायक होने से महापौर के रूप में कांग्रेस का यादव समाज से प्रत्याशी घोषित करने से कहीं ना कहीं कांग्रेस को ही नुकसान होता जिले में साहू समाज को विधानसभा में भी प्राथमिकता नहीं मिली ऐसे में कांग्रेस ने सामाजिक स्तर पर साहू समाज को मौका देकर साहू समाज के वोटरों को भी आकर्षित करने का जो कार्य किया वह कहीं ना कहीं कांग्रेस प्रत्याशी श्रीमती प्रेमलता साहू को फायदा पहुंचाएगा वहीं अगर रामकली यादव की बात करें तो पिछले नगर निगम चुनाव में श्रीमती रामकली यादव को कांग्रेस ने वार्ड प्रत्याशी के रूप में चुनावी मैदान में उतारा था परंतु यादव बहुल मोहल्ला होने के बावजूद भी कांग्रेस प्रत्याशी रामकली यादव तीसरे पायदान पर रही ऐसे में कांग्रेस संगठन कांग्रेस की वार्ड में तीसरे पायदान पर आने की स्थिति में श्रीमती रामकली यादव को महापौर प्रत्याशी घोषित करने में कहीं ना कहीं सोचने ने पर मजबूर कर दिया होगा सालों से राजनीति के क्षेत्र में सक्रियता के साथ कार्य करने का परितोषित कांग्रेस ने श्रीमती रामकली यादव को कांग्रेस सरकार के समय बखूबी प्रदान किया और उन्हें पुलिस प्राधिकरण विभाग में सदस्य के रूप में नामांकित किया जिसमें वह वर्तमान समय में भी कार्यरत है ऐसे में श्रीमती रामकली यादव द्वारा टिकट न मिलने से नाराज होकर पार्टी बदलने की बात को दुर्ग शहर की जनता एक राजनीतिक स्टंट के रूप में देख रही है बदहाल कांग्रेस की स्थिति वर्तमान समय में निष्क्रिय संगठन के जिम्मेदार पूर्व विधायक अरुण वोरा को माना जा रहा है ऐसे समय में कांग्रेस का दामन छोड़ना कहीं ना कहीं श्रीमती रामकली यादव के लिए राजनीतिक सफर का अंत साबित ना हो जाए. अभी श्रीमती रामकली यादव ने भाजपा में प्रवेश करने का फैसला लिया है किंतु भाजपा में प्रवेश नहीं हुआ है श्रीमती रामकली यादव के पुत्र और छत्तीसगढ़ी फिल्मो मे रूचि रखने वाले विकास यादव ने जरूर सोशल मीडिया के माध्यम से यह बात कही परंतु प्रवेश करने की बात कहना और प्रवेश करना दोनों में जमीन आसमान का अंतर है चुनावी सीजन में ऐसे मामले सामने आते ही रहते हैं अब देखना यह है कि श्रीमती रामकली यादव कांग्रेस का दामन छोड़ेगी या फिर दामन छोड़ने की बात कहना सिर्फ राजनीतिक स्टंट ही साबित होगा जिसका दुर्ग की जनता को बेसब्री से इंतजार है.