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दुर्ग निगम के इस वार्ड को गिफ्ट में दिया भाजपा ने कांग्रेस को , मेयर प्रत्याशी अलका वाघमारे को हो सकता है नुक्सान ? Featured

दुर्ग निगम के इस वार्ड को गिफ्ट में दिया भाजपा ने कांग्रेस को , मेयर प्रत्याशी अलका वाघमारे को हो सकता है नुक्सान ? दुर्ग निगम के इस वार्ड को गिफ्ट में दिया भाजपा ने कांग्रेस को , मेयर प्रत्याशी अलका वाघमारे को हो सकता है नुक्सान ?
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दुर्ग / शौर्यपथ / प्रत्याशी चयन राजनीतिक पार्टियों के लिए एक बड़ा ही महत्वपूर्ण टास्क होता है प्रत्याशी चयन में ऐसा कई बार देखने को मिलता है कि कहीं ना कहीं वार्ड के सक्रीय कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर ऐसे प्रत्याशी का चयन कर दिया जाता है जिसकी पहचान वार्ड के वासी नहीं कर पाते एवं सक्रियता के मामले में जो लगभग शून्य होता है परंतु राजनीतिक आकाओं के चलते चयन सूची में नाम पहुंचना राजनीतिक पार्टियों की मजबूरी हो जाती है .
   वर्तमान में अगर बात करें तो वार्ड नंबर 43 में भारतीय जनता पार्टी से एक ऐसा प्रत्याशी चुनावी मैदान में है जिस वार्ड की जनता राजनीतिक कम व्यापारिक दृष्टि से ज्यादा जानती है वहीं वार्ड में सक्रियता के मामले में कांग्रेसी पार्षद प्रत्याशी दीपक साहू की भूमिका ज्यादा नजर आती है।
   वार्ड नंबर 43 से कांग्रेस ने दीपक साहू को चुनावी मैदान में उतारा है दो बार के सफल कार्यकाल के बाद भी वार्ड की जनता की पहली पसंद के रूप में दीपक साहू का ही नाम सामने आता है वही वार्ड नंबर 43 से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी के रूप में विवेक सिन्हा चुनावी मैदान में है विवेक सिन्हा वार्ड नंबर 43 में एक विशुद्ध व्यापारी के रूप में प्रसिद्ध है सिन्हा हार्डवेयर दुकान के संचालक विवेक सिन्हा को राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियों में वार्ड की जनता ने कभी नहीं देखा यहां तक वार्ड के ज्यादातर निवासियों को यह भी नहीं मालूम की यह भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता हैं परंतु वार्ड नंबर 43 से सक्रियता के मामले में भी काफी पीछे रहने वाले विवेक सिन्हा अब भारतीय जनता पार्टी से चुनावी मैदान में है .स्थानीय चुनाव के कारण वार्ड की जनता व्यक्ति विशेष पर और उनकी छवि पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करती है उस लिहाज से दीपक साहू वार्ड में एक जाना पहचाना चेहरा है एवं उनके विरुद्ध विरोधाभास स्वर भी वार्ड में देखने को नहीं मिला . पिछले 10 वर्षों से लगातार वार्ड की समस्याओं का निराकरण करने और मूलभूत सुविधाओं को पूरा करने में दीपक साहू लगातार सक्रिय रहे हैं ऐसे में जब प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है कई मजबूत दावेदार और पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता की पहचान वाले कार्यकर्ताओं को पछाड़ते हुए विवेक सिन्हा प्रत्याशी घोषित हुए .
  अब देखना यह है कि वार्ड की जनता विवेक सिन्हा के पक्ष में किस तरह अपनी हिस्सेदारी निभाते हैं या फिर दीपक साहू के पिछले 10 वर्ष के कार्यकाल का आकलन करते हुए उन्हें हैट्रिक बनाने का मौका देते हैं . बता दें कि दीपक साहू प्रथम बार पार्षद निर्वाचित हुए थे तब वह निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरे थे और भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के प्रत्याशियों को बड़े अंतर से चुनावी समर में पटकनी दी थी तब भी प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की और केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार थी ऐसे में उनके 10 वर्ष के कार्यकाल  का भी आकलन बुद्धिजीवी वर्गों के क्षेत्र माने जाने वाले आदर्श नगर वार्ड नंबर 43 की जनता का रुख वर्तमान स्थिति में दीपक साहू की तरफ जाता नजर आ रहा है नाम घोषणा होने के 5 दिन बाद भी वार्ड में कहीं भी विवेक सिन्हा की उपस्थिति नजर नहीं आ रही है ऐसे में यह वार्ड भी कांग्रेस के खाते में एक बार फिर जाता हुआ नजर आ रहा है जिसका फायदा कांग्रेस की मेयर प्रत्याशी प्रेमलता साहू को भी पूरी तरह मिलेगा और एक बार फिर इस वार्ड से भाजपा की मेयर प्रत्याशी को नुकसान होने की संभावना है . अभी चुनाव प्रचार आरंभ नहीं हुए हैं परंतु इस बार प्रचार के लिए बहुत ही कम समय मिला ऐसे में जहां एक-एक पल कीमती है वहां भाजपा प्रत्याशी विवेक सिन्हा वार्ड के निवासियों तक कब पहुंचेंगे यह भविष्य के गर्त में छुपा है और राजनीति अभी किस ओर  मतदाताओं को ले जाएगी यह आने वाला वक्त ही बताएगा ..?
राजनितिक आंकलन ..

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