दुर्ग / शौर्यपथ / भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) दुर्ग विधानसभा में संगठनात्मक शिथिलता और लगातार मिल रही अनुशासनहीनता की शिकायतों के बाद बड़ी कार्रवाई करते हुए संपूर्ण पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया गया। विधानसभा अध्यक्ष वरुण केवळतानी द्वारा जारी आदेश ने स्पष्ट किया है कि कांग्रेस संगठन अब ढिलाई, निष्क्रियता और निर्देशों की अनदेखी को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
गंभीर कार्यक्रमों में अनुपस्थिति बनी कार्रवाई का मुख्य आधार
आदेश में उल्लेखित है कि जिला कांग्रेस के महत्वपूर्ण एवं गरिमामय कार्यक्रमों में वरिष्ठ नेतृत्व स्वयं उपस्थित था, किंतु NSUI दुर्ग विधानसभा के पदाधिकारियों की अनुपस्थिति लगातार देखी गई। कई बार सूचित किए जाने के बावजूद समिति के एक भी पदाधिकारी की उपस्थिति दर्ज नहीं हुई।
संगठन ने इसे “कर्तव्य के प्रति उदासीनता और अनुशासनहीनता” बताते हुए कठोर कदम उठाने का निर्णय लिया।
नोटिस का जवाब न देना बना निर्णायक कारण
दिनांक 06 दिसंबर 2025 को स्पष्टीकरण हेतु नोटिस जारी किया गया था, परंतु किसी भी पदाधिकारी द्वारा निर्धारित समय सीमा में जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। NSUI जैसे अनुशासन-आधारित संगठन में इसे गंभीर त्रुटि माना गया। यही कारण रहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने सामूहिक रूप से सभी पदाधिकारियों के पद समाप्त करने का फैसला सुना दिया।
राजनीतिक रूप से बड़ा संकेत—युवा संगठन में साफ-सफाई की शुरुआत?
यह फैसला न केवल संगठनात्मक अनुशासन का संदेश देता है, बल्कि आने वाले समय में कांग्रेस द्वारा अपने युवा मोर्चे को नए सिरे से सक्रिय, जिम्मेदार और जमीनी रूप से मजबूत करने की स्पष्ट राजनीतिक रणनीति भी दिखाता है।विशेषज्ञों का मानना है कि विधानसभा और लोकसभा चुनावों के मद्देनज़र कांग्रेस संगठन युवा नेतृत्व में ऊर्जा और जवाबदेही सुनिश्चित करना चाहता है, ताकि जमीनी स्तर पर संगठन मजबूती से खड़ा हो सके।
किसे भेजा गया संदेश?
सामूहिक पदमुक्ति का यह फैसला साफ संकेत देता है कि संगठन में केवल पद धारण करने से नहीं, सक्रियता और समर्पण से पहचान बनेगी। कार्यकर्ताओं को वरिष्ठ नेतृत्व के निर्देशों और कार्यक्रमों को प्राथमिकता देनी होगी। कांग्रेस अब निष्क्रिय इकाइयों और गैर-जिम्मेदार पदाधिकारियों पर निगरानी और कार्रवाई दोनों करेगी।
आगे क्या?
विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि NSUI दुर्ग विधानसभा की नई संरचना जल्द घोषित की जाएगी।नई टीम में सक्रिय, जमीनी, प्रतिबद्ध और संगठनात्मक गतिविधियों में निरंतर भागीदारी करने वाले युवाओं को प्राथमिकता दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।
NSUI दुर्ग विधानसभा में की गई यह कड़ी कार्रवाई केवल आंतरिक अनुशासन का मामला नहीं, बल्कि कांग्रेस संगठन की नई नीति का संकेत भी है—“अनुशासनहीनता पर जीरो टॉलरेंस, और सक्रियता ही संगठन में सम्मान का आधार।”