रायपुर/शौर्यपथ /
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य में धान खरीदी प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर से लगातार अव्यवस्था और शिकायतों की सूचनाएँ सामने आ रही हैं, जिससे किसान परेशान हैं।
बघेल के अनुसार बोवाई के समय किसानों को डीएपी की एक बोरी तक उपलब्ध नहीं कराई गई और अब धान कम खरीदने की रणनीति अपनाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई वन ग्रामों और पट्टाधारी किसानों का धान खरीदा ही नहीं जा रहा है तथा बड़ी संख्या में किसानों के रकबे एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन न होने से कट गए हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि खरीदी केंद्रों पर हर कट्टे में लगभग एक किलो अतिरिक्त धान किसानों से लिया जा रहा है, जिसके चलते केंद्रों में 'अतिरिक्त धानÓ का आंकड़ा बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऑनलाईन पोर्टल कुछ ही मिनटों में बंद हो जाता है, जबकि ऑफलाईन खरीदी में पक्षपातपूर्ण तरीके से अपने लोगों को लाभ पहुंचाया जा रहा है।
उन्होंने मिलर्स पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कई राइस मिलरों ने अभी तक एग्रीमेंट नहीं किया है, जिसके कारण उठाव बाधित है और सीधे तौर पर किसानों को नुकसान हो रहा है।
धर्मांतरण मामले में कांकेर बंद पर प्रतिक्रिया
कांकेर में धर्मांतरण प्रकरण को लेकर कल सामाजिक बंद और चेम्बर ऑफ कॉमर्स के समर्थन के मामले में बघेल ने कहा कि कांग्रेस जबरिया धर्मांतरण के खिलाफ है, लेकिन इस विषय का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बंद के पीछे कुछ ठोस कारण अवश्य होंगे, परंतु मूल प्रश्न समाधान का है। उन्होंने पूछा कि भाजपा की सरकार आने के बाद ऐसी घटनाएँ क्यों बढ़ी हैं।
महतारी गौरव वर्ष पर हमला
राज्य सरकार द्वारा अगले वर्ष को 'महतारी गौरव वर्षÓ घोषित करने पर बघेल ने कहा कि सरकार का व्यवहार ही महिलाओं का अपमान करने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि महतारी वंदन योजना में करोड़ों महिलाओं को धोखा दिया गया है और राशन कार्डों से 30 लाख नाम हटाए गए हैं। बघेल ने गोधन न्याय योजना, रीपा और बिहान की स्थिति को भी खराब बताया तथा कहा कि महिलाओं के खिलाफ अत्याचार बढ़े हैं।
झीरम कांड पर जेपी नड्डा के बयान का जवाब
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के झीरम घाटी मामले को लेकर दिए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बघेल ने कहा कि नक्सलियों से सांठगांठ भाजपा की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में नक्सली भाजपा नेताओं से लेवी मांगने एकात्म परिसर तक पहुंचते थे।उन्होंने कहा कि एनआईए ने जांच पूरी नहीं की और भाजपा सरकारों ने हमेशा जांच को रोका। बघेल ने दोहराया कि झीरम कांड एक राजनीतिक और आपराधिक षड्यंत्र है, जिसका लाभ भाजपा को मिला।
चैतन्य बघेल केस में सेंसेशन फैलाने का आरोप
चैतन्य बघेल के खिलाफ कोर्ट में पेश चार्जशीट पर बघेल ने कहा कि छह सप्लीमेंट्री में उनका नाम नहीं था, लेकिन अब बिना आधार के सनसनी फैलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि दूसरे के व्हाट्सऐप चैट और पप्पू बंसल के बयान पर केस खड़ा किया जा रहा है, जबकि बयान चालान में शामिल तक नहीं है।उन्होंने इसे राजनीतिक बदनाम करने की कोशिश बताते हुए कहा कि उनकी और परिवार की पुरानी संपत्तियों को भी इसमें शामिल किया जा रहा है।