मुख्यमंत्री के दौरे पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने उठाए सवाल, बोले- हजारों परिवार प्रभावित, फसल-पशुधन और मकानों को भारी नुकसान; विशेष राहत पैकेज की मांग
रायपुर / शौर्यपथ। बस्तर संभाग में हालिया भारी बारिश और बाढ़ से हुए नुकसान को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार पर राहत एवं पुनर्वास कार्यों में कथित लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि बाढ़ ने बस्तर के आम लोगों के मकान, गृहस्थी का सामान, फसल और पशुधन को भारी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने प्रभावित परिवारों के लिए मौजूदा राहत राशि को अपर्याप्त बताते हुए व्यापक सर्वेक्षण कर नुकसान के अनुरूप मुआवजा देने की मांग की।
बाढ़ की स्थिति को लेकर उपलब्ध सरकारी बयानों के मुताबिक 571 गांवों में 22,377 लोग प्रभावित हुए थे और करीब 16 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया था। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुकमा और बस्तर के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत शिविरों का निरीक्षण किया था।
मुख्यमंत्री के दौरे पर बैज ने उठाए सवाल
दीपक बैज ने मुख्यमंत्री के बस्तर दौरे को लेकर आरोप लगाया कि दौरा प्रभावित लोगों की समस्याओं के समाधान की दृष्टि से अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ सका। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल और पर्याप्त सहायता की जरूरत है। बैज ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से संचालित राहत व्यवस्था केवल औपचारिकता तक सीमित रही।
हालांकि, मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान प्रभावित परिवारों से मुलाकात, राहत शिविरों का निरीक्षण और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए जाने की रिपोर्ट भी सामने आई है। वहीं बस्तर के प्रभावित परिवारों के लिए अतिरिक्त आर्थिक सहायता की घोषणा की जानकारी भी सार्वजनिक हुई थी।
बैज ने कहा कि बाढ़ से हजारों घर प्रभावित हुए हैं और बड़ी संख्या में परिवारों की गृहस्थी का सामान खराब हुआ है। उनके अनुसार सड़कों और पुल-पुलियों के क्षतिग्रस्त होने से कई क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों के सामने बाढ़ के बाद पुनः सामान्य जीवन शुरू करने की चुनौती है।
राहत शिविरों से लौटे परिवारों की स्थिति पर चिंता
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि कई परिवारों का राशन, घरेलू उपयोग का सामान, बच्चों की कॉपी-किताबें और जरूरी दस्तावेज भी बाढ़ के पानी में खराब हो गए। उन्होंने कहा कि राहत शिविरों से घर लौटने के बाद अनेक परिवारों के सामने भोजन और दैनिक जरूरतों की समस्या बनी हुई है।
बैज ने कहा कि सामाजिक संगठनों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कई स्थानों पर प्रभावित परिवारों के लिए भोजन एवं अन्य सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया है।
मुआवजा बढ़ाने और कर्जमाफी की मांग
दीपक बैज ने सरकार से बाढ़ प्रभावित परिवारों के नुकसान का व्यापक सर्वे कराने और मुआवजा राशि बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि—पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए कम से कम 5 लाख रुपये तथा आंशिक क्षति वाले मकानों के लिए 1 लाख रुपये की सहायता दी जाए।
फसल नुकसान का वास्तविक आकलन कर किसानों को पर्याप्त मुआवजा दिया जाए।
प्रभावित किसानों का पूरा कर्ज माफ किया जाए।
पशुधन की क्षति का आकलन कर बाजार दर के अनुरूप मुआवजा दिया जाए।
बाढ़ में खराब हुए टीवी, फ्रिज, बेड और अन्य घरेलू सामान का भी सर्वे कर सहायता दी जाए।
प्रभावित परिवारों को दो माह का राशन पुनः उपलब्ध कराया जाए।
बच्चों की कॉपी-किताब और स्कूल बैग उपलब्ध कराए जाएं।
जरूरी दस्तावेजों के पुनर्निर्माण के लिए विशेष शिविर लगाए जाएं।
बाढ़ के बाद संक्रमण और बीमारियों की आशंका को देखते हुए विशेषज्ञ चिकित्सकों के स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएं।
पुल-पुलियों और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए विशेष पैकेज की मांग
बैज ने पूरे बस्तर संभाग में क्षतिग्रस्त सड़कों, पुल-पुलियों और अन्य अधोसंरचना के पुनर्निर्माण के लिए विशेष राहत पैकेज घोषित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि केवल तत्काल राहत से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास और आधारभूत संरचनाओं के पुनर्निर्माण के लिए दीर्घकालिक योजना की आवश्यकता है।
उन्होंने सरकार से बाढ़ से हुए नुकसान का पारदर्शी एवं विस्तृत सर्वे कराकर प्रभावित परिवारों, किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को हुए नुकसान के अनुरूप सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।