फिटनेस शुल्क ₹800, वसूली ₹5,000 तक! परिवहन विभाग में कथित वसूली पर कांग्रेस का सरकार से सवाल
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ में परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि परिवहन विभाग में वाहन फिटनेस से लेकर ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन स्वामित्व हस्तांतरण तक निर्धारित शुल्क के अतिरिक्त रकम मांगने की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब वाहन फिटनेस का निर्धारित शुल्क 800 रुपये है, तो वाहन मालिकों से 5,000 रुपये तक वसूले जाने की शिकायतों पर सरकार जवाब क्यों नहीं दे रही है और अतिरिक्त रकम आखिर किसके पास जा रही है?
फिटनेस जांच या सिर्फ प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया?
धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि वाहन फिटनेस का उद्देश्य सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यदि तकनीकी रूप से खराब, जर्जर टायरों और खराब लाइटों वाले वाहनों को भी पैसे लेकर फिटनेस प्रमाणपत्र जारी किए जा रहे हैं, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने फिटनेस जांच की वास्तविक प्रक्रिया और निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूले जाने की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने फिटनेस जांच का ठेका लेने वाली निजी कंपनी के विरुद्ध सामने आ रही शिकायतों की स्वतंत्र जांच पर भी जोर दिया।
परिवहन कार्यालयों से नाकों तक वसूली के आरोप
कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि परिवहन कार्यालयों, सड़कों और परिवहन नाकों पर भी अवैध वसूली की शिकायतें सामने आ रही हैं। वाहन चालकों के हवाले से उन्होंने कहा कि रात के समय वाहनों को रोककर निजी व्यक्तियों के माध्यम से पैसे मांगे जाने तथा इनकार करने पर दुर्व्यवहार और मारपीट की शिकायतें हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि निजी व्यक्तियों को किस अधिकारी के आदेश पर वाहनों को रोकने, जांच करने या पैसे वसूलने का अधिकार दिया गया है। कांग्रेस ने परिवहन उड़नदस्तों और नाकों पर निजी व्यक्तियों की भूमिका तथा संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी की जांच करने की मांग की है।
लाइसेंस और वाहन ट्रांसफर में भी परेशानी का आरोप
ठाकुर ने कहा कि आम नागरिकों को ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने, वाहन का स्वामित्व हस्तांतरित कराने और अन्य परिवहन संबंधी कार्यों के लिए निर्धारित शुल्क जमा करने के बावजूद कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अतिरिक्त रकम दिए बिना काम नहीं होने की शिकायतें सरकारी व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े करती हैं।
कांग्रेस की मांग—शुल्क और भुगतान का ब्योरा सार्वजनिक हो
कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि फिटनेस शुल्क और वाहन मालिकों से ली जा रही वास्तविक राशि का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए। प्रत्येक परिवहन कार्यालय, फिटनेस केंद्र और नाके पर निर्धारित शुल्क की सूची प्रदर्शित हो तथा हर भुगतान की अनिवार्य रसीद दी जाए।
धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि अवैध वसूली में संलिप्त पाए जाने वाले निजी व्यक्तियों, कंपनी संचालकों और जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों का निष्पक्ष पालन कराने की मांग भी की। ये आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं। इन शिकायतों की स्वतंत्र पुष्टि और परिवहन विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।