दुर्ग / शौर्यपथ / रवि शंकर स्टेडियम के पिछे नगर निगम द्वारा पूर्व निर्मित फ्लावर स्ट्रीट का संधारण करने के पश्चात विवेकानंद मार्ग का नाम बदलकर पुन: लोकार्पण कार्यक्रम आयोजित कर प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के हाथो कल लोकार्पण कराए जाने के कार्य पर कटाक्ष करते हुए निगम के पूर्व महापौर चंद्रिका चंद्राकर व पूर्व सभापति दिनेश देवांगन इसे नई बोतल पर पुरानी शराब की संज्ञा देते हुए कहा है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार व विधायक अरुण वोरा के पास अब नया कुछ करने को नहीं होने के चलते पुराने कामो को ही अपनी उपलब्धि बताकर लोकार्पण करा रहे है।
इस सम्बन्ध में पूर्व महापौर चंद्रिका चंद्राकर व पूर्व सभापति दिनेश देवांगन ने जारी बयान में कहा कि आज से 13वर्ष पूर्व तात्कालीन महापौर सुश्री सरोज पाण्डेय ने शहर में नए नए विकास के परिकल्पना के अनुरूप रविशंकर स्टेडियम मानस भवन से लेकर चौपाटी तक तथा साई द्वार के सामने रानी दुर्गावती प्रतिमा से लेकर एसपी बंगला व पॉलीटेक्निक कॉलेज के पीछे तक मॉर्निंग व इवनिंग वॉक करने वालों लोगो को शद्ध हवा मिले इसके लिए आक्सीजन जोन के रूप में सड़क की दोनों ओर सुंदर उद्यान विकसित कर फ्लावर स्ट्रीट का निर्माण कराई थी तथा इस मार्ग का नाम विश्व के महान महापुरुष स्वामी विवेकानन्द जी के नाम पर किया गया था जिसका एक बोर्ड पूर्व में लगाई गई थी चूंकि उद्यान सहित अन्य निर्मित कार्यों का समय समय पर संधारण किया जाना निगम का दायित्व होता है और 12वर्ष से अधिक समय होने पर वैसे भी इस गार्डन का नए सिरे संधारण आवश्यक था किंतु राज्य से लेकर निगम तक कांग्रेस कि सत्ता आने बाद से प्रदेश की भूपेश बघेल सरकार व विधायक, महापौर को कोई नए निर्माण कार्य की योजना नहीं सूझ नहीं रहा है और विधायक अरुण वोरा अपनी वाहवाही लेने के फेर में उन कार्यों के लिए मुख्यमंत्री को बुला लिया है जिनका संधारण प्रक्रियागत है पूर्व महापौर श्रीमती चंद्रिका चंद्राकर ने आगे कहा कि सत्ता के मद में चूर कांग्रेस सरकार में विधायक व महापौर अब महापुरूषों कि अभी अव्हेलना करने लगी है जिसका ताजा उदाहरण यह मार्ग उद्यान है जिसे छत्तीसगढ़ी लोक कला संस्कृति के पहचान के आड़ में स्वामी विवेकानंद जी का ही नाम मिटा दिया स्वामी जी विश्व के उन महापुरूषों में से है जिनकी आदर्शो का विश्व के कई देश अनुसरण करते है ऐसे महात्मा पुरुष के नाम बदलकर वाहवाही लेना कांग्रेसियों के लिए शर्म की बात है पूर्व महापौर ने आगे कहा कि वास्तव ने राज्य कि भूपेश बघेल की कांग्रेस सरकार में न कोई सोच न कोई विजन नरवा घुरवा गरवा बाड़ी के अलावा उनके पास अन्य नया कोई कांसेप्ट नहीं है जिसे जनता को बता सके इसलिए पूर्व स्वीकृत व निर्मित कार्यों को ही सुधार कर या बदलकर अपनी पीठ थपथपाती है ताकि वाहवाही लूट सके और इस कार्य ने विधायक अरुण वोरा को महारथ हासिल है जिन्होंने अपनी निधि से 19 लाख व निगम की संधारण मद 18 लाख खर्च कराकर महज 37 लाख के कार्यों के लिए पर मुख्यमंत्री को बुलाकर अपनी व मुख्यमंत्री का स्तर बता रहे है किंतु दुर्ग शहर की जनता बहुत ही जागरूक है वे सब जानती व समझती है।