रिसाली / शौर्यपथ /राजनीती
भिलाई नगर निगम से अलग होकर अस्तित्व में आये नवगठित नगर निगम रिसाली के पहले चुनाव के लिए वार्डों का आरक्षण हुआ। जिला कलेक्टर सभागार में आज इसकी प्रक्रिया पूरी होते ही रिसाली में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। 40 वार्डों वाले इस निगम के 20 वार्ड अनारक्षित रखे गए हैं। जिसमें से 7 वार्ड महिलाओं के लिए है। ओबीसी के 10 में तीन वार्ड महिलाओं के लिए सुरक्षित किया गया है। एससी के 7 मेंं से 2 वार्ड तथा एसटी के 3 में से एक वार्ड में महिलाएं चुनाव लड़ सकेंगी। नगर निगम रिसाली के 40 वार्डों में आगामी चुनाव के लिहाज से आरक्षण की स्थिति स्पष्ट हो गई है। नियमों का पालन करते हुए कुल 40 में से 20 वार्ड को अनारक्षित रखा गया है। जिसमें से 7 वार्ड महिलाओं के लिए रहेगी।
महिला-पुरुष से मुक्त रखे गए अनारक्षित वार्डो में वार्ड 2, रुआबांधा उत्तर, वार्ड 11 मरोदा सेक्टर, वार्ड 13 टंकी मरोदा, वार्ड 15 मौहारी भाठा, वार्ड 16 बीआरपी कालोनी, वार्ड-20 शंकरपारा स्टेशन मरोदा, वार्ड 23 प्रगति नगर रिसाली, वार्ड-24 आजाद मार्केट रिसाली, वार्ड 26 अवधपुरी रिसाली, वार्ड 28 शक्ति विहार रिसाली, वार्ड-29 लक्ष्मी नगर रिसाली, वार्ड-30 इस्पात नगर रिसाली तथा वार्ड-31 शहीद किरण देशमुख रिसाली बस्ती शामिल है।
7 वार्ड अनारक्षित महिला रखे गए हैं। इसमें वार्ड-1 तालपुरी, वार्ड-6 रुआबांधा सेक्टर, वार्ड-9 डीपीएस रिसाली, वार्ड-14 मरोदा कैम्प, वार्ड 17 शिवपारा स्टेशन मरोदा, वार्ड-18 एचएससीएल कालोनी स्टेशन मरोदा, एवं वार्ड 21 सूर्यनगर स्टेशन मरोदा है। अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए तय वार्डों में वार्ड-12 मरोदा सेक्टर पश्चिम, वार्ड-19 विजय चौक मरोदा, वार्ड-22 मैत्रीकुंज रिसाली, वार्ड 25 आशीष नगर पश्चिम रिसाली, वार्ड 27 मैत्री नगर रिसाली, वार्ड 35 डुंडेरा पश्चिम, वार्ड 26 डुंडेरा पूर्व शामिल है।
अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के लिए वार्ड-3 रुआबांधा दक्षिण, वार्ड-4 रुआबांधा पूर्व तथा वार्ड-5 एचएससीएल रुआबांधा को आरक्षित किया गया है। इसी कड़ी में 40 में से 7 वार्ड को अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित रखा गया है। जिसमें से वार्ड 32 नेवई भाठा, वार्ड 33 नेवई बस्ती पूर्व, वार्ड 34 नवई बस्ती पश्चिम, वार्ड-37 जोरातराई और वार्ड 39 एनएसपीसीएल पुरैना में अनुसूचित जाति वर्ग के महिला अथवा पुरुष कोई भी चुनाव लड़ सकता है। जबकि वार्ड क्रमांक 38 स्टोर पारा पुरैना और वार्ड 40 पुरैना बस्ती को अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित किया गया है। 40 में से तीन वार्ड को आबादी के लिहाज से अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित रखा गया है। इसमें वार्ड-7 रिसाली सेक्टर पूर्व और वार्ड 8 रिसाली सेक्टर पश्चिम अनुसूचित जनजाति मुक्त रहने से इस वर्ग की महिला अथवा पुरुष कोई भी चुनाव लड़ सकेगा। वहीं वार्ड 10 दशहरा मैदान रिसाली के रूप में केवल एक ही वार्ड अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है।
नहीं हुआ है महापौर पद का आरक्षण
नवगठित नगर निगम रिसाली के महापौर पद का आरक्षण अभी तय नहीं हो सका है। पूरे प्रदेश के नगर निगमों के महापौर पद का आरक्षण एक साथ वर्ष 2019 में तब कर लिया गया था, जब रिसाली नगर निगम अस्तित्व में नहीं आया था। आज 40 वार्डों में आरक्षण की स्थिति स्पष्ट हो जाने के बाद पार्षद पद के दावेदारों में सक्रियता बढ़ गई है। लेकिन महापौर पद के आरक्षण की स्थिति साफ नहीं होने से कांग्रेस और भाजपा के दिग्गज नेताओं में फिलहाल चनाव लडऩे को लेकर उहापोह बनी हुई है। उल्लेखनीय है कि रिसाली को पृथक नगर निगम बनाने में प्रदेश के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू का अहम योगदान रहा है। श्री साहू ने विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस की सरकार आने पर रिसाली को अलग निगम बनाने की घोषणा की थी। लिहाजा रिसाली निगम के भावी चुनाव को लेकर कांग्रेसजनों मे महापौर पद के आरक्षण होने के बावजूद उत्साह बना हुआ है।