दुर्ग / शौर्यपथ राजनीती लेख / राजेन्द्र साहू दुर्ग का जाना पहचाना नाम . कांग्रेस के बड़े नेताओ में राजेन्द्र साहू की गिनती होती है . प्रदेश कांग्रेस सरकार के मुखिया के करीबी माने जाने वाले राजेन्द्र साहू का दुर्ग के युवा वर्ग में खासी पकड है . राजेन्द्र साहू वर्षो से कांग्रेस के सक्रीय कार्यकर्ता और संगठन में कई पदों पर कार्य कर चुके है . मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र पतन का प्रभारी पद का बखूबी निर्वहन कर चुके राजेन्द्र साहू वर्तमान में प्रदेश कांग्रेस में महामंत्री के पद पर है . इन दिनों राजेन्द्र साहू केंद्र की नीतियों का विरोध करने में दुर्ग कांग्रेस के बड़े चेहरे बन गए है .
प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बने हुए ढेढ़ साल हो गया किन्तु राजेन्द्र साहू संगठन की राजनीती में ही समय देते रहे किन्तु पिछले कुछ दिनों से लगातार मिडिया के माध्यम से राजेन्द्र साहू लगातार केंद्र की मोदी सरकार की जनहित विरोधी नीतियों का लगातार विरोध कर रहे है और खबरों में छाए हुए है क्या सोशल मिडिया क्या प्रिंट मिडिया क्या इलेक्ट्रोनिक मिडिया हर क्षेत्र में लगातार कांग्रेस की तरफ से दुर्ग शहर में कांग्रेस की मुखर आवाज़ बन कर उभरे है .
राजेन्द्र साहू के यु अचानक सक्रीय होने से दुर्ग कांग्रेसियों सहित भाजपा में भी चर्चा का विषय है . वैसे तो वर्तमान में भिलाई निगम , रिसाली निगम ,और जामुल निगम में ही चुनाव होने वाले है किन्तु देखा जाए तो इन तीनो निकाय के किसी पद की दौड़ में राजेन्द्र साहू कही नहीं नजर आते . वही चर्चा का विषय है कि क्या ये भविष्य की तैयारी तो नहीं .
मुझे अच्छे से याद है कि २०१५ में जब हाल ही में छत्तीसगढ़ के विधान सभा चुनाव संपन्न हुए थे और प्रदेश में भाजपा की सरकार तीसरी बार बनी थी और मुख्यमंत्री बघेल तब नए प्रदेश अध्यक्ष का पद संभाले थे और राजनंदगांव के घुमका क्षेत्र में सभा ली थी उसी सभा में उनके द्वारा इस आक्रामक तरीके से कांग्रेसियों का उत्साह वर्धन किया था मानो चुनाव ४ साल बाद नहीं चार दिन बाद हो . पद सँभालते ही तात्कालिक प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने जिस तरह से पुरे छत्तीसगढ़ में सभाए लेनी शुरू कर दी थी और कार्यकर्ताओ को ऐसे तैयार कर रहे थे जैसे चुनाव अगले माह हो प्रदेश अध्यक्ष बनते ही तात्कालिक प्रदेश अध्यक्ष व वर्तमान मुख्यमंत्री बघेल ने आक्रामकता के साथ प्रदेश सरकार के खिलाफ राजनितिक जंग का बिगुल बजा दिया था और उसी का परिणाम २०१९ की विधान सभा में कांग्रेस की बम्फर जीत का तोहफा था .
कुछ ऐसा ही नजारा आज उनके राजनैतिक शिष्य राजेन्द्र साहू में देखने को मिल रहा है . शहर में चर्चा का विषय है कि भविष्य में प्रदेश कांग्रेस द्वारा राजेन्द्र साहू को कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है . राजेन्द्र साहू वर्तमान में दुर्ग संसदीय क्षेत्र के एक ऐसे कांग्रेस नेता है जो आम जनता सहित संगठन की नजर में सौम्य , सहज , सरल और निर्विवाद नेता के तौर पर जाने जाते है .दुर्ग के और उनके जानने वाले कहते है कि राजेन्द्र साहू ने राजनितिक जीवन में अभी तक सिर्फ व्यक्ति ही कमाए है जो उनके समर्थक के रूप में जाने जाते है विरोधी भी उनके व्यवहार की तारीफ़ करते है . खैर राजनीती में एक पल में कौन कहा पहुँच जाए कुछ कहा नहीं जा सकते किन्तु वर्तमान में यही चर्चा है राजनितिक हलको में कि भविष्य में राजेन्द्र साहू को कोई महत्तवपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है .