शौर्यपथ लेख / कभी कभी इंसान की जिन्दगी में कुछ ऐसे पल आ जाते है जो सदैव के लिए यादो में अंकित हो जाति है ऐसी अमिट यादो को कभी भुलाया नहीं जा सकता . वो पल अच्छे भी हो सकते और बुरे भी . किन्तु आज हम जिन पालो की बात कर रहे है वो पल ऐसे है जिसे और सब तो भूल भी जाए कोई कुछ दिनों में कोई कुछ सालो में किन्तु उन पालो को सिर्फ एक ही व्यक्ति है जो कभी नहीं भूल सकता . मनीष पारख दुर्ग शहर के एक सामजिक और व्यावसायिक व्यक्ति है जिन्होंने जमीन से उठ कर आज आसमान की बुलंदियों तक पहुँचने में जो कार्य किया है वो दुर्ग शहर में किसी से छुपा नहीं है सफलता की सीढी चढ़ते हुए सामजिक कार्यो में भी सदा योगदान करना उनकी जिन्दगी में शामिल है . हर क्षेत्र के बारे में बारीकी पकड ही उनकी खासियत है . . इतने सालो की मेहनत के बाद उनके जन्मदिन को यादगार बनाने में जिस जिस ने भी अपनी सहभागिता निभाई वो तो अविस्मरनीय है किन्तु उससे भी बड़ी बात यह है कि उन सभी को ऐसा करने पर अपरोक्ष रूप से अपने कार्यो और सहभागिता के द्वारा प्रेरित करने का श्रेय मनीष पारख को ही जाता है . मनीष पारख जी को शौर्यपथ समाचार पत्र की ओर से जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाये . उनके यादगार जन्मदिन के पल को उन्होंने फेसबुक के माध्यम से जिन शब्दों में पिरोया वो आप सभी सम्मानित पाठको के सामने है
25 साल पहले जब मैंने अपना काम चालू किया था कब सोचा नहीं था कि इतना बड़ा काम कर पाऊंगा और इतने लोग मेरे साथ जुड़ जाएंगे बस मेरी एक ही इच्छा थी कि जो भी काम करो इमानदारी से करो और कुछ ऐसा कर सकूं की लोगों के लिए एक एग्जांपल खड़ा कर सकूं जीवन में बहुत से उतार-चढ़ाव देखे बहुत डाउन भी देखा आज से 20 साल पहले जब मैंने एक मोबाइल लिया था तब मेरा एक सपना था की मेरे पास इतने लोग हैं कि मैं फोन करूं और मेरा काम हो जाए और आज मुझे लगता है कि मैं वह कर पाया
कल जब सुबह में नाश्ता करके उठा और अचानक से लाइफ केयर के पूरे स्टाफ आ गए मैं बहुत आश्चर्यचकित था और बहुत खुशी भी हुई बस रो नहीं पाया मेरे पास शब्द नहीं है कि मैं क्या लिखूं और क्या बोलूं। वह आंटी लोगों का ख़ुशी से झूमना और पूनम और ग्रुप का डांस करना वह निखत हैंड ग्रुप का गाना गाना ?रियली हार्ट टचिंग था । वह सभी स्टाफ का जो डायरेक्टली इनडायरेक्टली इस पूरे प्रोग्राम का हिस्सा थे सब ने बहुत मेहनत की।मैं अपनी खुशी बयान नहीं कर सकता कि कितना अच्छा लगा मुझे और मुझे सबसे ज्यादा इस बात की खुशी थी कि सब लोग मुझे इतना प्यार करते हैं।
अविश एजुकॉम में भी अनएक्सपेक्टेड था बहुत ही अच्छा सेलिब्रेशन किया सब ने मिलकर।
महावीर स्कूल के सभी टीचर से बहुत ही अच्छा सेलिब्रेशन किया जो मेरे लिए अनएक्सपेक्टेड था।
मेरी 25 साल की मेहनत में मुझे अब लगने लगा कि मैं जो प्यार और अपनापन अपने सब साथ ही लोगों से चाहता था वह मुझे मिल रहा है और मैं इसे कभी नहीं भूल सकता इतना प्यार और इतना अपनापन यह प्यार और अपनापन ऐसे ही बनाए रखना लिखना बहुत कुछ चाहता हूं पर शब्द ही नहीं मिल रहे हैं कि मैं कैसे एक्सप्रेस करूं अपनी फीलिंग को।
आज मैं जो कुछ भी कर पा रहा हूं वह लाइफ केयर में हो अविश एडु कॉम में हो या मेरी पर्सनल लाइफ में हो यह सब मेरे साथी मेरे स्टाफ इनकी वजह से ही है क्योंकि सब लोगों का साथ हमेशा रहा है हर वक्त हर पल मुझे आज भी याद है जब पहली बार कंप्यूटर सेंटर मैंने चालू किया था मेरे पास सैलरी देने के पैसे नहीं थे तो स्टाफ ने तीन महीना सैलरी नहीं ली थी और मुझे पूरा सपोर्ट किया था आज जो सेलिब्रेशन आप लोगों ने किया है उसके वीडियोस देख कर बहुत से लोगों के कमेंट से आए और बहुतों ने बोला कि तू बहुत खुशकिस्मत है फिर तुझे ऐसे स्टाफ मिले और वाकई में मैं बहुत खुशकिस्मत हूं की मुझे इतने अच्छे और इतने प्यार करने वाले लोग मिले जिनके लिए मेरे पास कोई शब्द ही नहीं है।
और पूरे स्टाफ को बांधे रखने के पीछे एक लीडर का बहुत बड़ा हाथ होता है और लीडर ही होता है कि जो पूरे स्टाफ को बांध के रखता है लाइफ केयर में आयशा प्रियंका और अविश एडु कॉम मैं नेहा नेहा प्रियो सभी अपना काम बहुत इमानदारी से कर रहे हैं।
टीम लीडर सभी अच्छे हैं और सभी अपना काम बहुत इमानदारी से कर रहे हैं मैं इतनी बड़ी टीम है कि सबका नाम नहीं लिख पा रहा हूं और आज जब मैं लोगों को बताता हूं कि मेरी इतनी बड़ी टीम है और इतने अलग-अलग फील्ड में काम कर रहे हैं तो लोग आश्चर्यचकित हो जाते हैं कि कैसे इतने अलग-अलग फील्ड को आप मैनेज कर लेते हो मुझे बहुत खुशी होती है की इतने लोगों का परिवार हमारे इस ऑर्गेनाइजेशन की वजह से चल रहा है। एक समय की बात है एक बार मैं बहुत परेशान होकर सोचा कि यार सब काम बंद करते हैं और आराम से घर में बैठेंगे तो नीलेश के एक दोस्त ने एक शब्द बोला कि आप यह मत सोचो कि आप काम करके आराम से बैठोगे आप यह सोचो कि आप के वजह से 300 लोगों का परिवार चल रहा है और आप उनके लिए काम करो वह दिन है और आज का दिन है मैं कभी रुका नहीं मैंने हमेशा सोचा कि मैं अगर कर सकता हूं तो आगे काम करूंगा।
स्पेशल थैंक्स टू आयशा प्रियंका नेहा नेहा , प्रभा मैडम पारस मैडम प्रज्ञा और बाकी सब भी है किस किस का नाम लूं।
अंत मैं यही कहना चाहूंगा की सब लोग पूरी इमानदारी से इसी तरह काम करते रहे और इसी तरह आगे बढ़े मैं हमेशा हर वक्त सबके साथ खड़ा हूं। आप सबको बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं कि आप लोगों ने इतना समय मेरे लिए निकाला और मेरे बर्थडे को इतना अच्छा बनाया जो मैं कभी भूल नहीं सकता और इतना प्यार बहुत ही किस्मत वालों को नसीब होता है उनमें से मैं एक हूं।
साभार -मनीष पारख के फेसबुक वाल से ...