शौर्यपथ विश्लेषण / छत्तीसगढ़ में भाजपा की प्रभारी डी पुरंदेश्वरी हमेशा अपने बयानों के लिए विवाद में रहती हैं तीसरी बार जिस तरह डी पुरंदेश्वरी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के लिए बयान जारी किया जिसमें सच ना बोलने पर तंज कसा वही सच कहने पर सिर के हजार टुकडे हो जाने का श्राप देने जैसा वक्तव्य जारी किया क्या यह भारतीय संस्कृति को अपना मानने वाली भारतीय जनता पार्टी कि एक नेता की ऐसी सोच है आज के इस युग में कौन सा नेता है जो हर बात सच बोल रहा है जब तक सत्ता में है सभी बेदाग हैं सत्ता हटते ही कई तरह के घोटाले उनके सामने आने लगते हैं .15 सालों से छत्तीसगढ़ में भाजपा का राज रहा और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह एक बेदाग छवि के मुख्यमंत्री के रूप में आम जनता के सामने आते रहे किंतु सत्ता जाते ही घोटालों की बौछार लग गई यही राजनीति है किंतु इस तरह की राजनीति में श्राप देने जैसा कार्य क्या डी पुरंदेश्वरी को शोभा देता है .
आज डी पुरंदेश्वरी एक बड़े पद पर आसीन हैं बावजूद इसके इस तरह का ब्यान देकर छत्तीसगढ़ की जनता को क्या बताना चाहती है अपने पिछले डोरे में भी डी पुरंदेश्वरी ने ऐसा ही विवादित बयान जारी किया था जिसमें यह कहा गया था कि अगर भाजपा कार्यकर्ता मिलकर थूक ही दे तो पूरी कांग्रेस सरकार उस में बह जाएगी क्या डी पुरंदेश्वरी थूकने और श्राप देने से उठकर जनता के हितों की कभी बात करेंगे आज रोजगार की बात है तो यह चुनावी वादा हर पार्टी करती है केंद्र की भाजपा सरकार के मुखिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रतिवर्ष 2 करोड़ रोजगार देने की बात कही थी किंतु क्या रोजगार मिला अपितु इसके जवाब में पकौड़ा बेचना भी रोजगार में शामिल है जैसी बात सामने आ गई कांग्रेस ने भी रोजगार की बात कही किंतु वह भी रोजगार देने में फेल हो गई बावजूद इसके अगर बेरोजगारी की बात करें तो केंद्रीय एजेंसी ने भी छत्तीसगढ़ में बेरोजगारों की संख्या काफी कम होने की बात कहीं आज जैसा भी हो छत्तीसगढ़ में बेरोजगारों की संख्या अन्य प्रदेशों के हिसाब से काफी कम है और छत्तीसगढ़ प्रथम स्थान पर है बावजूद इसके बेरोजगारी पर और वादा निभाने पर तंज कसना एवं स्तर हीन शब्दों का इस्तेमाल कर आज डी पुरंदेश्वरी छत्तीसगढ़ के आम जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है राजनीति में हार और जीत लगा ही रहता है किंतु आरोपों की भी एक सीमा होती है किंतु थूकने श्राप देने सिर के हजार टुकडे होने जैसी बात कहकर डी पुरंदेश्वरी ने सिर्फ और सिर्फ छत्तीसगढ़ भाजपा का ही नुकसान किया है और कांग्रेस को आक्रमण करने का मौका दे दिया है इस तरह के बयान से भले ही भाजपा कार्यकर्ता खुश हो जाएं किंतु आम जनता इस तरह की अशोभनीय बयान बाजी को गंभीरता से लेते हैं .छत्तीसगढ़ी ही नहीं भारत की आम जनता सभी बातों को समझती है भले ही कह नहीं पाती किंतु अपना विचार मतदान के मत पेटी में देकर व्यक्त करती है आज छत्तीसगढ़ में जब छत्तीसगढ़िया की बात होती है तब एक दूसरे प्रदेश की नेता द्वारा थूकने , श्राप देना ,सिर के हजार टुकडे होना जैसे बातों को कर सिर्फ और सिर्फ अपने विचारों को व्यक्त करती है जो कि उनके निजी विचार हो सकते हैं किंतु विश्व की सबसे बड़ी पार्टी का प्रतिनिधित्व करने वालों के मुंह से संस्कार की बात करना और इस तरह का बयान देना कहीं से शोभा नहीं देता आज भाजपा का चेहरा और सोच संसकारी पार्टी , हिंदुत्व ,देश भक्ति सुविचार के रूप में परिलक्षित है किंतु ऐसे बयान सिर्फ और सिर्फ भाजपा को ही नुकसान पहुंचा सकते हैं और ऐसे ब्यान बाजी से व्यक्ति की मानसिकता का भी आभास होता है जो आज प्रदेश में सत्ता में नहीं है फिर भी इस तरह की बात कह रही है अगर सत्ता में आ जाये तो फिर ना जाने इससे और क्या बड़ी बड़ी बाते कह सकती है ये तो भगवन ही जाने ...