शौर्यपथ लेख / कंगना रनौत एक मशहूर हिरोइन देश की सबसे ज्यादा चर्चित महिला जो कभी ड्रग्स लेती थी , क्लबो में डांस करती थी , बीफ खाती थी आज फ़िल्मी दुनिया की पोल खोल रही है अपने आप को झाँसी की रानी , तो कभी अबला , तो कभी घर दुबारा बनाने के पैसे नहीं है की बात करने वाली एक ऐसी ज्ञानवान महिला जो चुनाव में उस जगह भी शिवसेना के उम्मीदवार को मज़बूरी में वोट डाल दी जहां शिवसेना का उम्मीदवार ही नहीं खडा था , एक ऐसी महिला जो अपने आप को महिलाओ की खैरख्वा बताती है जो इन्साफ की लड़ाई के लिए किसी से भी भीड़ जाती है यहाँ तक की मुंबई महानगर पालिका की कार्यवाही के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को दोषी मानती है और मुबई को pok जैसे शब्द से तुलना करने में भी पीछे नहीं हटती है , एक ऐसी महिला जो अपने अवैध रूप से बने घर को राम मंदिर से जोडती है , एक ऐसी बहादुर महिला जिसे केंद्र सरकार ने वाई श्रेणी की सुरक्षा दी है क्योकि वो महाराष्ट्र सरकार पर आरोप लगा रही है क्योकि जिसने अवैधानिक रूप से अपने कार्यालय का निर्माण किया है जिस पर मामला अब अदालत में विचाराधीन है ऐसी महान महिला ने वर्तमान में देश के सबसे बड़े काण्ड हाथरस काण्ड में घटना के १६ दिन बाद मृत मासूम के लिए इन्साफ की आवाज़ उठाई .
अब भई कंगना ने आवाज़ उठाई है तो बात तो बड़ी होगी ही और चर्चा तो होगी ही क्योकि वो कंगना है देश की सबसे मशहूर सेलिब्रिटी जिसे तुरंत वाई श्रेणी की सुरक्षा मिल गयी उस कंगना ने मनीषा के साथ हुए उत्तर पप्रदेश की बेटी हाथरस जिले की रहने वाली मासूम मनीषा के साथ हुए घटना पर १६ दिन बाद अपना आक्रोश जताया . किन्तु इस बार आक्रोश जताने का अंदाज़ कुछ जुदा था जो कंगना अपने कार्यालय के टूट जाने पर सीधे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पर आरोप लगाईं उस कंगना ने मनीषा के साथ हुए दुर्दांत हादसे पर एक ट्वीट किया उसके ट्वीट पर नज़र डालते है देखिये कंगना जी ने क्या कहा
"अपना गुस्सा ट्विटर पर ज़ाहिर किया. उन्होंने लिखा, “मुझे हमारे योगी आदित्यनाथ पर पूरी तरह से विश्वास हैं. उन्होंने जिस तरह से प्रियंका रेड्डी के दोषियों को घटनास्थल पर ही गोली मारने का हुकुम दिया था, वैसे ही हाथरस भी उनसे इस न्याय की उम्मीद कर रहा है.”

ट्वीट को ध्यान से पड़ने वालो को ये बात तो साफ़ समझ आ जाएगी की इतने बड़े काण्ड और १५ दिन बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जिन्होंने घटना को संज्ञान में तब लिया जब हमारे देश के यशस्वी , लोकप्रिय प्रधानमन्त्री नरेन्द्र दामोदर दास जी मोदी ने संज्ञान लेने की बात कही . वो तो भला हो हमारे प्रधानमंत्री जी का जिन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को घटना की जानकारी दे दी और कार्यवाही की बात कही वरना अगर कही प्रधानमंत्री जी किसी राजनितिक यात्रा पर विदेश प्रवास में होते और किसी कारणवश कुछ दिन और बीत जाते तो ना जाने क्या होता खैर जो हुआ अब उस पर जांच होगी क्योकि अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भारत के सच्चे देशभक्त मोहमाया से दूर श्री योगी आदित्यनाथ जी ने मामले को संज्ञान लिया और १५ दिन बाद कड़ी कार्यवाही की बात की तो ऐसे में १५ दिन तक मौन रहने वाली आदरणीय कंगना जी भला कैसे चुप रहती एक ट्वीट तो बनता ही है और दे मारा एक ट्वीट और करने लगी इन्साफ की उम्मीद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से . इन्साफ तो खैर अब होगा ही मनीषा के साथ हुए कृत्य का , मनीषा की मृत देह के साथ हुए कृत्य का और उस कृत्य का भी जिसमे एक माँ को जिसने ९ माह अपनी कोख में जिस बेटी को पाला और दुनिया से १९ साल तक बचा के रखा जिसका अंतिम दर्शन करना भी नसीब नहीं हुआ चंद पुलिस वालो के कारण उन पुलिस वालो के कारण जो ला एंड आर्डर की रक्षा करते है जिसका नियंत्रण प्रदेश के मुखिया के हाथ में है किन्तु यहाँ कंगना जी ने प्रदेश के मुखिया से उम्मीद जाहिर की इन्साफ की अपनी ही नियत का दोहरा चेहरा दिखा दी कंगना ने अरे कंगना जी जब आपका कार्यालय टुटा तो वो कार्य बीएमसी का था तब क्यों नहीं आप प्रदेश के मुखिया से इन्साफ की उम्मीद करते हुए गुहार लगाईं क्या महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने आपका बंगला तोडा था जिस तरह मनीषा के साथ हुए हादसे में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की कोई गलती नहीं है उसी तरह आपका आशियाना तोड़ने में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की कोई गलती नहीं है . अगर आप सोंचती है कि प्रदेश के मुखिया की गलती है तो यह बात दोनों ही प्रदेश में लागू होगी अगर आप घटना की ही तुलना कर लेती तो घर टूटना और अस्मत लूटना दोनों में जमीन आसमान का अंतर है घर तो फिर बन जायेगा किन्तु क्या मनीषा वापस आएगी . दुनिया की कोई ताकत अब उसे वापस नहीं ला सकती . ऐसी दोहरी निति से आपने स्वयं ही साबित कर दिया की तलुवे चाटो और मौज करो ......
( शरद पंसारी - संपादक शौर्यपथ दैनिक समाचार )