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विशेष आलेख : जब रास्ते बनते हैं, तब जिंदगियां बदलती हैं

  • rounak group

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से नक्सल प्रभावित दूरस्थ वनांचल ग्राम हालेपायली में लोगों को मिल रही आवागमन की सुविधा
तेज बारिश में भी अब बच्चों की पढ़ाई में नहीं आएगी बाधा
2 करोड़ 83 लाख 55 हजार रूपए की लागत से पुल-पुलिया एवं सड़क का निर्माण

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / जब रास्ते बनते हैं, तब जिंदगियां बदलती हंै, तरक्की की राहें खुलती हंै। ऐसी ही एक मिसाल है राजनांदगांव जिले के नक्सल प्रभावित विकासखंड मानपुर के दूरस्थ वनांचल ग्राम हालेपायली। जहां प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 4 किलोमीटर लंबी बारहमासी सड़क बनने पर ग्रामवासियों को आवागमन, स्वास्थ्य, खाद्यान्न एवं बच्चों को शिक्षा जैसी महत्वपूर्ण बुनियादी सुविधाएं मिल रही हैं। राज्य शासन द्वारा अधोसंरचना विकास के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सड़क का निर्माण करना चुनौतीपूर्ण रहा है। लेकिन इसके बावजूद छत्तीसगढ़ ग्रामीण विकास अभिकरण के मार्गदर्शन में इस कार्य को सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
वर्ष 2018 में 2 करोड़ 83 लाख 55 हजार रूपए की लागत से बने पुल-पुलिया एवं सड़क दो गांव गट्टेपायली से हालेपायली को जोड़ रहे हैं। यही वजह है कि यहां के ग्रामवासियों में उत्साह एवं खुशी है। तेज बारिश में नदी-नाले भर जाने पर बच्चों की पढ़ाई में अब बाधा नहीं आएगी। कलेक्टर श्री टोपेश्वर वर्मा ने दूरस्थ अंचलों में अधोसंरचना निर्माण पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यपालन अभियंता श्री पीपी खरे ने बताया कि जिला मुख्यालय से मानपुर विकासखंड 100 किलोमीटर दूर है। वहीं ग्राम हालेपायली 45 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। यहां की जनसंख्या 305 है। ग्राम गट्टेपायली से हालेपायली में जानी वाली सड़क में 5 पुल-पुलिया बनाया गया है एवं डामरीकरण का कार्य पूर्ण हो चुका है।

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शौर्यपथ

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