नई दिल्ली / एजेंसी / दिल्ली की कथित शराब नीति घोटाले के मामले में अदालत ने गुरुवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की हिरासत की अवधि पहली अप्रैल तक के लिए बढ़ा दी है.यानी अरविंद केजरीवाल इस केस में अब सोमवार तक प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में बने रहेंगे. अब इस मामले की सुनवाई सोमवार को होगी.ईडी ने मुख्यमंत्री केजरीवाल की सात दिनों की रिमांड की मांग की थी लेकिन अदालत ने कहा कि उन्हें कोर्ट के समक्ष सोमवार को साढ़े ग्यारह बजे पेश किया जाए.केजरीवाल की मौजूदा हिरासत की अवधि गुरुवार को ख़त्म हो रही थी. उन्हें आज राउज़ एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज कावेरी बावेजा की अदालत में पेश किया गया.
ईडी ने अपनी ताज़ा रिमांड याचिका में कहा था कि कस्टडी में पूछताछ के दौरान पांच दिनों तक उनके बयान रिकॉर्ड किए गए. ईडी ने ये आरोप लगाया है कि वे सवालों के जवाब देने में टालमटोल कर रहे थे. ईडी की ओर से कहा गया है कि रिमांड अवधि के दौरान तीन अन्य लोगों के बयान भी दर्ज किए गए हैं.
अदालत में इस मौक़े पर केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल, दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी, सौरभ भारद्वाज और अन्य कई लोग मौजूद थे.ईडी ने अदालत से केजरीवाल की हिरासत और सात दिन बढ़ाने की मांग की.इस दौरान केजरीवाल ने अदालत से कहा कि वे रिमांड का विरोध नहीं करते हैं, बल्कि वे ईडी की ओर से लगाए गए आरोपों की सारी जांच के लिए तैयार हैं.उन्होंने कहा, "असली घोटाला तो ईडी की जांच के बाद हुआ है. एक मकसद था आप को क्रश करना. एक माहौल बनाना कि आम आदमी पार्टी भ्रष्टाचारी है."
केजरीवाल ने आरोप लगाया, "शरद रेड्डी के केस में शरद रेड्डी को जमानत दो कारण से मिली. सबसे पहले शरद रेड्डी ने मेरे ख़िलाफ़ बयान दिया और शरद रेड्डी ने गिरफ्तार होने के बाद 55 करोड़ रुपये का चंदा भाजपा को दिया. गिरफ्तार होने के बाद 55 करोड़ रुपये के बॉन्ड शरद रेड्डी ने खरीदे और उसके बाद उसे जमानत मिल गई. इससे मनी ट्रेल साबित हो जाता है. यही पूरी जांच का मक़सद था कि एक तरफ आम आदमी पार्टी को क्रश करना. एक स्मोक स्क्रीन क्रिएट करना और पीछे से एक्सट्रैक्शन करना."
उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी का मक़सद आम आदमी पार्टी को दबाना है.समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, अदालत में पेश करने से पहले केजरीवाल से दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना के उस बयान पर राय मांगी गई कि जेल से दिल्ली की सरकार नहीं चलेगी.इस पर केजरीवाल ने कहा कि यह एक राजनीतिक साज़िश है, लोग इसका जवाब देंगे.उन्होंने अदालत से कहा, "आरोप लगाया गया है कि 100 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है. लेकिन सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस संजीव खन्ना ने कहा है कि मनी ट्रेल का सबूत नहीं है."केजरीवाल ने कहा, "यह केस दो साल से चल रहा है. 17 अगस्त, 2022 को सीबीआई का पहला केस दर्ज हुआ था और 22 अगस्त को ईडी ने मामला दर्ज किया."