
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
थरुण निषाद की ख़ास रिपोर्ट
धमतरी / शौर्यपथ / नगरी-सिहावा क्षेत्र में खाद्य सामग्री की बिक्री को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। क्षेत्र की कई दुकानों में कथित तौर पर ऐसे बिस्कुट और बच्चों के खाने-पीने की अन्य सामग्री खुलेआम बेची जा रही है, जिनकी एक्सपायरी डेट काफी समय पहले समाप्त हो चुकी है। हैरानी की बात यह है कि कुछ बिस्कुट के पैकेट पर करीब एक साल पहले की एक्सपायरी डेट साफ दिखाई दे रही है, इसके बावजूद यह सामग्री ग्राहकों तक पहुंच रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एक्सपायरी बिस्कुट खाने के बाद कुछ ग्राहकों को पेट दर्द सहित अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का सामना करना पड़ा है। मामला बच्चों के खाद्य पदार्थों से जुड़ा होने के कारण लोगों में चिंता बढ़ गई है। सवाल उठ रहा है कि जब पैकेट पर एक्सपायरी डेट स्पष्ट रूप से अंकित है, तो ऐसी सामग्री दुकानों तक पहुंच कैसे रही है और इसकी बिक्री पर रोक क्यों नहीं लग रही है।
स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि कुछ बड़े व्यापारी पुराने अथवा एक्सपायरी माल को छोटे ठेले वालों, किराना दुकानों और छोटे होटलों में खपा रहे है छोटे दुकानदार इस माल को खरीदकर ग्राहकों को बेच देते हैं।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि बाजार में सालभर पहले एक्सपायर हो चुके बिस्कुट बिक्री के लिए उपलब्ध हैं, तो यह संबंधित विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल है। खाद्य सामग्री की नियमित जांच के बावजूद इतनी पुरानी एक्सपायरी सामग्री बाजार में कैसे पहुंची, इसकी जांच होना जरूरी है। लोगों ने नगरी-सिहावा क्षेत्र की किराना दुकानों, ठेलों और छोटे होटलों में विशेष अभियान चलाकर बिस्कुट सहित बच्चों की अन्य खाद्य सामग्री की एक्सपायरी डेट जांचने और नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित दुकानदारों एवं सप्लायरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मामले में अब संबंधित विभाग की कार्रवाई पर लोगों की नजर है। यदि पैकेट पर दर्ज एक्सपायरी तारीख वास्तव में करीब एक वर्ष पुरानी है, तो यह महज एक दुकान का मामला न होकर खाद्य सामग्री की आपूर्ति और बिक्री व्यवस्था की भी जांच का विषय बन सकता है। विभाग द्वारा जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि एक्सपायरी खाद्य सामग्री किन दुकानों तक पहुंची और इसके पीछे कौन जिम्मेदार है।
Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
