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बरगी बांध में कुदरत का कहर: 74 किमी की रफ्तार से आए तूफान ने पलटा क्रूज, 9 की मौत; अपनों को बचाने की जंग हार गई मां

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जबलपुर |  संस्कारधानी जबलपुर का प्रमुख पर्यटन स्थल बरगी बांध आज चीख-पुकार और मातम का केंद्र बन गया। गुरुवार शाम करीब 5:00 बजे आए एक भीषण चक्रवाती तूफान ने पर्यटकों से भरे क्रूज को जलसमाधि दे दी। तट से महज 300 मीटर की दूरी पर हुए इस हादसे में अब तक 9 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि प्रशासन की मुस्तैदी से 16 जिंदगियों को मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया गया।

कुदरत का तांडव: 74 किमी/घंटा की रफ्तार और डूबता क्रूज

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम को अचानक आसमान में काले बादल छा गए और देखते ही देखते 74 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज आंधी चलने लगी। लहरें इतनी ऊंची उठीं कि क्रूज अनियंत्रित होकर एक तरफ झुक गया और पलट गया। क्रूज पर सवार पर्यटक संभल पाते, उससे पहले ही सब कुछ पानी में समा गया।

भावुक कर देने वाली दास्तां: आखिरी सांस तक बेटे को बचाती रही मां

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने पत्थर दिल इंसान को भी रुला दिया। एक मां ने अपने 4 साल के मासूम बेटे को डूबने से बचाने के लिए आखिरी वक्त तक अपने हाथों में ऊपर उठाए रखा, लेकिन कुदरत के आगे ममता हार गई। दोनों के शव एक साथ बरामद हुए हैं। मृतकों में दिल्ली से घूमने आया एक परिवार भी शामिल है, जिनकी छुट्टियां मातम में बदल गईं।

लापरवाही की 'लहरें': उत्तरजीवियों के गंभीर आरोप

हादसे में सुरक्षित बचे पर्यटकों ने क्रूज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एक घायल पर्यटक ने बताया:

"जब मौसम खराब हो रहा था, हमने पायलट से वापस चलने को कहा, लेकिन उसने चेतावनी को नजरअंदाज किया। सबसे बड़ी लापरवाही यह रही कि हमारे पास लाइफ जैकेट तक नहीं थे। अगर जैकेट समय पर मिल जाते, तो शायद इतनी जानें नहीं जातीं।"

प्रशासनिक एक्शन और मुआवजे का एलान

हादसे की सूचना मिलते ही कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित SDRF और NDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं। मुख्यमंत्री ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए निम्नलिखित घोषणाएं की हैं:

उच्च स्तरीय जांच: घटना के कारणों और सुरक्षा खामियों की जांच के लिए कमेटी गठित।

आर्थिक सहायता: प्रत्येक मृतक के परिजन को 4-4 लाख रुपये की राहत राशि।

कठोर कार्रवाई: क्रूज के पायलट और जिम्मेदार कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है।

पर्यटन पर उठते सवाल

यह हादसा एमपी टूरिज्म और निजी ऑपरेटरों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है। आखिर क्यों खराब मौसम के अलर्ट के बावजूद क्रूज को पानी में उतारा गया? क्या लाइफ जैकेट की उपलब्धता केवल कागजों तक सीमित है?

वर्तमान में बरगी बांध पर सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई और व्यक्ति लापता न हो। पूरा जबलपुर आज उन परिवारों के लिए प्रार्थना कर रहा है जिन्होंने अपनों को खोया है।

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