
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
Google Analytics —— Meta Pixel
धमतरी/बोरई | छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से खाकी को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। बोरई थाना प्रभारी (TI) पर केशकाल के एक व्यापारी के साथ साप्ताहिक बाजार में मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसके बाद पुलिस प्रशासन की कार्यशैली की चौतरफा आलोचना हो रही है।
विवाद की जड़: गाड़ी चेकिंग और तीखी बहस
जानकारी के अनुसार, यह घटना 1 मई 2026 की है। बोरई के साप्ताहिक बाजार में पुलिस की टीम वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान केशकाल से आए एक व्यापारी और थाना प्रभारी के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बात इतनी बढ़ गई कि तैश में आकर थाना प्रभारी ने सरेआम व्यापारी को थप्पड़ मार दिया।
व्यापारियों में भारी आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी
बाजार के बीचों-बीच हुई इस बदसलूकी के बाद स्थानीय और बाहरी व्यापारियों में गहरा रोष है। व्यापारियों का कहना है कि पुलिस का काम सुरक्षा देना है, न कि आम नागरिकों पर हाथ उठाना।
प्रमुख मांग: व्यापारियों ने जिला पुलिस अधीक्षक (SP) से मांग की है कि संबंधित TI को तत्काल निलंबित किया जाए और मामले की निष्पक्ष जांच हो।
चेतावनी: यदि जल्द ही सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो व्यापारी संघ एकजुट होकर उग्र प्रदर्शन और बाजार बंद करने का निर्णय ले सकता है।
वायरल वीडियो ने बढ़ाई पुलिस की मुश्किलें
घटना का जो वीडियो वायरल हुआ है, उसमें साफ देखा जा सकता है कि किस तरह बहस के दौरान वर्दीधारी अधिकारी अपना आपा खो रहे हैं। यह वीडियो अब वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच चुका है, जिससे विभाग बचाव की मुद्रा में नजर आ रहा है।
प्रशासनिक रुख
फिलहाल धमतरी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की जांच की बात कही है। हालांकि, अभी तक थाना प्रभारी के खिलाफ किसी औपचारिक कार्रवाई या निलंबन की पुष्टि नहीं हुई है।
एक नागरिक के तौर पर ध्यान देने वाली बात: गाड़ी चेकिंग के दौरान पुलिस को नियमों के तहत कार्रवाई करने का अधिकार है, लेकिन शारीरिक हिंसा या दुर्व्यवहार कानूनन गलत है। यदि किसी के साथ ऐसा होता है, तो पीड़ित व्यक्ति मानवाधिकार आयोग या वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज
करा सकता है।
Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
