नई दिल्ल / केंद्र सरकार ने शुक्रवार को विकास, बुनियादी ढांचे, निवेश और सुशासन के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ के लिए ₹19,400 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। वहीं, नीति आयोग ने राज्यों के निवेश माहौल का आकलन करने वाली बहुप्रतीक्षित 'निवेश अनुकूलता सूचकांक (Investment Friendliness Index)' रिपोर्ट जारी की। स्वास्थ्य सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए गए।
हरियाणा को ₹14,700 करोड़ की विकास सौगात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के जींद में आयोजित कार्यक्रम में देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पहल भारत के हरित परिवहन और स्वच्छ ऊर्जा मिशन की दिशा में ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने ₹14,700 करोड़ से अधिक लागत की रेलवे, राष्ट्रीय राजमार्ग, सड़क संपर्क, शिक्षा एवं अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इन परियोजनाओं से क्षेत्रीय विकास, रोजगार सृजन और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
चंडीगढ़ में ₹4,700 करोड़ से अधिक की विकास योजनाओं का शुभारंभ
केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, शिक्षा संस्थानों के उन्नयन, सड़क संपर्क और शहरी आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से ₹4,700 करोड़ से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं की शुरुआत की। इन योजनाओं का उद्देश्य नागरिक सुविधाओं में सुधार और आधुनिक शहरी विकास को बढ़ावा देना है।
नीति आयोग ने जारी किया 'निवेश अनुकूलता सूचकांक'
नीति आयोग ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण का मूल्यांकन करने वाली 'Investment Friendliness Index' रिपोर्ट जारी की। यह सूचकांक राज्यों के प्रशासनिक सुधार, उद्योग-अनुकूल नीतियों, निवेश प्रक्रियाओं की सरलता और कारोबारी वातावरण का व्यापक आकलन प्रस्तुत करता है। सरकार का मानना है कि यह रिपोर्ट राज्यों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और निवेश आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा की समीक्षा बैठक सम्पन्न
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली में 16-17 जुलाई को आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय समीक्षा बैठक का समापन हुआ। बैठक में रोग निगरानी प्रणाली, सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों, महामारी नियंत्रण, टीकाकरण और स्वास्थ्य आपातकालीन तैयारियों की समीक्षा की गई। राज्यों के अधिकारियों के साथ भविष्य की स्वास्थ्य रणनीतियों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
भारतीय वन सेवा अधिकारियों से राष्ट्रपति का संवाद
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में भारतीय वन सेवा (IFoS) के परिवीक्षाधीन अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्हें देश की प्राकृतिक विरासत का संरक्षक बताया। उन्होंने अधिकारियों से पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और सतत विकास के प्रति समर्पित होकर कार्य करने का आह्वान किया।
विकास और सुशासन की दिशा में अहम दिन
17 जुलाई 2026 को केंद्र सरकार की पहलें देश में हरित परिवहन, आधुनिक अवसंरचना, निवेश प्रोत्साहन, सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में व्यापक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में सामने आईं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन निर्णयों से देश की विकास गति को और मजबूती मिलेगी तथा राज्यों में प्रतिस्पर्धात्मक निवेश वातावरण को बढ़ावा मिलेगा।