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ड्रोन्स की चौकसी और शौर्य कमांडो का पहरा: अरुणाचल सीमा पर चीन की हर हिमाकत का करारा जवाब दे रही ITBP

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नई दिल्ली / अलवर:

भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक (DG) शत्रुजीत सिंह कपूर ने अपने हालिया संबोधन में अरुणाचल प्रदेश सीमा पर चीन के साथ जारी ताजा सैन्य स्थिति को लेकर बेहद महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं। महानिदेशक ने स्पष्ट किया है कि अरुणाचल सीमा पर कई संवेदनशील स्थानों पर चीनी सैनिकों (PLA) के साथ आमने-सामने की स्थिति (Face-offs) बनी है और तनाव का यह सिलसिला वर्तमान में भी जारी है। हालांकि, भारतीय जांबाज चीन की हर चाल का कड़ाई से मुकाबला कर रहे हैं।

गलवान जैसी स्थिति दोबारा नहीं होने देगी 'शौर्य कमांडो यूनिट'

रिटायरमेंट से ठीक पहले जवानों का हौसला बढ़ाते हुए आईटीबीपी चीफ ने कहा कि सीमा पर भविष्य में गलवान जैसी किसी भी अप्रिय या हिंसक घटना को रोकने के लिए बल पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसके लिए भारतीय सेना और सुरक्षा बल पूरी तरह अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक (Drone Technology) और मॉडर्न सर्विलांस ग्रिड पर अपना फोकस बढ़ा चुके हैं।

उन्होंने गर्व के साथ साझा किया कि हाल ही में तैयार की गई ITBP की 'शौर्य कमांडो यूनिट' ने अरुणाचल सीमा पर रणनीतिक मोर्चों को संभाल लिया है। इस यूनिट ने चीनी पीएलए के सामने अपनी अद्भुत युद्ध क्षमता और मजबूती का शानदार प्रदर्शन कर ड्रैगन के हौसले पस्त किए हैं। हालांकि, उन्होंने बल के आधुनिकीकरण की जरूरत को रेखांकित करते हुए यह भी माना कि कुछ मोर्चों पर लगभग 50 साल पुराने हथियारों को पूरी तरह से अपग्रेड करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है।

विदेश मंत्रालय का रुख: चीन की मनमानी नीतियां ही तनाव की असली वजह

आईटीबीपी चीफ के इस बयान के बाद देश के राजनीतिक गलियारों और रणनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई, जिसके बाद भारत सरकार ने इस विषय पर अपना आधिकारिक पक्ष रखा। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सीमा की स्थिति पर दोटूक रुख अपनाते हुए सीधे तौर पर बीजिंग (चीन) को कटघरे में खड़ा किया।

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत और चीन के सीमावर्ती इलाकों में शांति और स्थिरता कायम न हो पाने के पीछे पूरी तरह से चीनी सरकार की नीतियां और उनका आक्रामक रुख जिम्मेदार है। जब भी चीनी सेना तय गश्त (Patrolling patterns) के नियमों का उल्लंघन करती है या भारतीय सीमा की तरफ अपनी दिशा बदलने का प्रयास करती है, तब-तब दोनों देशों के बीच टकराव की स्थिति पैदा होती है।

कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर बातचीत जारी

भारत सरकार ने देश को आश्वस्त किया है कि सीमा पर पूरी सतर्कता बरतने के साथ-साथ कूटनीतिक और सैन्य संवाद (Diplomatic and military mechanisms) के रास्ते भी खुले रखे गए हैं। वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर किसी भी तरह की गलतफहमी या बड़ी सैन्य भिड़ंत से बचने के लिए स्थापित द्विपक्षीय तंत्रों के जरिए चीन से लगातार बातचीत की जा रही है, ताकि विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जा सके।

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