० सुरगी पुलिस ने किया हत्याकांड का खुलासा
० 48 घंटे के अंदर आरोपी गिरफ्तार
राजनांदगांव / शौर्यपथ /स्थानीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेशा चौबे द्वारा पत्रकारवार्ता में 2 अगस्त को हुए हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि ग्राम भर्रेगांव के तालाब में 1 मोटर सायकल के डूबने एवं 1 चप्पल पड़े होने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और गाड़ी को निकाल कर तस्दीक करने पर उक्त गाड़ी ग्राम कोटराभाठा निवासी धनेश कुमार साहू के होने का पता चला। धनेश कुमार साहू का पता करने पर वह सकुनत पर नहीं मिला व मोबाईल भी स्वीच ऑफ आ रही थी, जिससे शंका होने पर धनेश साहू की पता तलाश शुरू की गई।
मृतक का भतीजा दिलेश्वर साहू ने बताया कि 1 अगस्त 2021 के रात्रि करीब 10 बजे मैं खाना खाकर रोड़ में टहल रहा था, तभी नर्सरी की ओर से मुझे चाचा की आवाज सुनाई दी थी। इसकी तस्दीक करने के लिए नर्सरी की तरफ खोजबीन करने पर रेत के टीले में पंजा दिखाई दिया, जिसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई एवं तहसीलदार को बुलाकर उत्खनन कराया गया, जो शव मृतक धनेश साहू का पाया गया।
मामले में अपराध पंजीबद्ध कर पुलिस अधीक्षक डी. श्रवण के निर्देशन एवं नगर पुलिस अधीक्षक लोकेश कुमार देवांगन के मार्गदर्शन पर तुरंत डॉग स्कॉड एवं एफएसएल टीम को सूचित कर आरोपियों की पतासाजी शुरू की गई, जो मृतक के दोस्त धरमेन्द्र साहू उर्फ बालू, उपेन्द्र कुमार साहू उर्फ बैदू ने अंतिम बार करीब 7 बजे शाम को मृतक को दारू एवं बीड़ी पहुंचाना बताया, उसके बाद उससे मुलाकात नहीं होने की बात कही। शंका होन पर उक्त आरोपियों से बारीकी से पूछताछ की गई जिसमें उन्होंने अपना जुर्म स्वीकार किया और बताया कि मृतक आये दिन शराब पीकर अपने पत्नी एवं बच्चों से मारपीट करता था, उसकी पत्नी बहुत परेशान रहती थी। एक दिन उसकी पत्नी ने मृतक को ठिकाने लगाने के बदले पैसे देने की बात कही, तब आरोपियों धरमेन्द्र साहू उर्फ बालू, उपेन्द्र कुमार साहू उर्फ बैदू एवं अनिल कुमार ढीमर ने योजना बना कर धनेश कुमार साहू की हत्या कर दी। जिसे पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।
आरोपियों को पकड़ने में थाना प्रभारी बसंतपुर लोमेश सोनवानी, पुलिस चौकी सुरगी प्रभारी शक्ति सिंह, प्रधान आरक्षक लोकनाथ वर्मा, प्रधान आरक्षक कमलेश बनाफर, प्रधान आरक्षक जी. सीरील, प्रधान आरक्षक अनिल कुमार, आरक्षक तुरेन्द्र रात्रे, आरक्षक विभाष सिंह, आरक्षक मोहसीन खान की महत्वपुर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही।