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तुमड़ीबोड़ गुरुद्वारा में दूध पिलाकर राहगीरों की सेवा की गई

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राजनांदगांव। शौर्यपथ । मोती राम मेहरा की शहादत को याद करते हुए गुरुद्वारा बंदी छोड़ पातशाही 6 तुमड़ीबोड़ के प्रबंधक सेवादार और संगत के सहयोग से राहगीरों को दूध पिला कर जनसेवा की गई।

गुरूद्वारा प्रबंधन कमेटी ने उक्त प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया किए दिसंबर की बर्फ जैसी ठंडी रात में ठंडे बुरज में बैठी माता गुजरी जी अपने नन्हें-नन्हें दोनों पोतों को शरीर के साथ लगाकर गर्माती और चूम-चूम कर सुलाने का प्रयत्न करती रहीं। ठंडे बुरज में छुपते मोती राम जी ने बच्चों को और माता जी को गरम-गरम दूध पिलाया। सुबह होते ही हर जगह यह बात आग की तरह फैल गई कि, मोती राम ने गुरू गोबिंद सिंह जी के परिवार की मदद की है। माता गुजरी तथा दो साहिबजादों को तीन दिन तक नवाब सरहिंद से चोरी-चोरी दूध पिलाने व सेवा करने के जुर्म में उनकी माता, पत्नी और पुत्र के साथ गन्ने के कोल्हू में फांद कर शहीद कर दिये गये। जिनकी ही शहादत को याद करते हुए गुरुद्वारा बंदी छोड़ पातशाही 6 तुमड़ीबोड़ के प्रबँधक सेवादार और संगत के सहयोग से राहगीरों को दूध पिला कर राहगीरों की सेवा की गई। इस अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारी एवं सदस्य बड़ी सँख्या में उपस्थित थे।

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