बेमेतरा/नवागढ़ ( शौर्यपथ ) नवागढ़ में चर्चित नवागढ़-बेमेतरा मार्ग पर न्यायालयीन आदेशों की अवमानना कर गरीब आदिवासी के मकान एवं दुकान को तोड़े जाने के मामले में मलबे को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। नवागढ़ जनपद पंचायत सीईओ ने उक्त भूमि पर पड़े हुए मलबे को उठाने के लिए आदेश कर दिया जबकि उक्त मामला में उच्च न्यायालय ने स्टे ऑर्डर दिया हुआ है। जिसकी आगामी सुनवाई 31 जुलाई को होनी है। सीइओ के आदेश पर वहाँ कर्मचारी हाइवा एवं जेसीबी लेकर पहुँच गए और मलबे को उठाने लगे।
पीड़ित कृष्णा ध्रुव ने बताया कि उसने जेसीबी एवं हाइवा ड्राइवर से पूछताछ किया तो ड्राइवर ने कहा कि हमे लाखन सिंह ने भेजा है। जिसके पश्चात कृष्णा ने मामले की शिकायत कलेक्टर बेमेतरा से की। मामले को तत्काल संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर शिव अनंत तायल ने नवागढ़ अनुविभागीय अधिकारी ज्योति सिंह को फोन कर कार्य रोकने हेतु आदेशित किया। जिसके पश्चात एसडीएम ने दखल देते हुए मौके पर जाकर कर्मचारियों को कार्य रोकने को कहा औऱ सीईओ नवागढ़ को फटकार लगाई।
कलेक्टर को दिए शिकायत में आदिवासी कृष्णा ध्रुव ने उल्लेख किया ही पहले ही नवागढ़ तहसीलदार ने न्यायालयीन आदेशों की अवहेलना कर कोरोना काल मे मेरे दुकान व मकान को तोड़कर रोजी रोटी को नुकसान पहुचाया है। फिर भी जनपद के नेता क़ी मंशा पूर्ण नही हो पाई तो सीईओ पर दबाव डालकर न्यायालयीन प्रक्रिया में दखल कर रहे है। उन्होंने कलेक्टर के अतिरिक्त एसडीएम नवागढ़ एवं थाना प्रभारी नवागढ़ को लिखित शिकायत सौपी है, और कोर्ट के मामले में दखल करने वाले के ऊपर कार्यवाही की मांग की है।
नवागढ़ जनपद पंचायत सीईओ नरपत लाल साहू द्वारा कलेक्टर द्वारा घोषित लॉकडाउन के बीच इस तरह का आदेश देना अनेक सवालों को खड़ा करता है। ऐसी क्या जरूरत आन पड़ी की सीईओ ने न्यायालयीन मामले में हस्तक्षेप कर लॉकडाउन का भी ख्याल न रखा।
"सामान्य सभा में समतलीकरण का निर्णय लिया गया था,जिसके आधार पर जनपद पंचायत से मलबा उठाने का आदेश दिया गया था।"
एनएल साहू
सीईओ जनपद पंचायत नवागढ़।"कलेक्टर के आदेशानुसार मलबा उठाने के कार्य को तत्काल रोकने हेतु सीईओ को निर्देशित किया गया है।"
ज्योति सिंह
एसडीएम नवागढ़।