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22 साल से रास्ते के लिए तरस रहे कुरवावासी, जान जोखिम में डालकर स्कूल जाते है बच्चे

  • rounak group

नवागढ़ / शौर्यपथ /  ब्लॉक् के ग्राम पंचायत मेढकी के आश्रित ग्राम  कुरवा ग्रामवासी आज भी रपटे और रोड के लिए तरस रहे। जिसके चलते गर्भवती महिलाओं को हॉस्पिटल और छात्रों को स्कूल आने जाने मे बहुत ही कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बारिश अधिक होने के कारण बाढ़ की स्थिति में स्कूली छात्र छात्राएं अपने जान को जोखिम में डालकर स्कूल आया जाया करते है।
 ग्रामीणों का कहना है कि छत्तीसगढ़ बनने के बाद कुरवा  ग्राम वासियों को उम्मीद था कि यह सड़क या रपटा मार्ग बन जाएगा, मगर 22 साल बीत जाने के बाद भी ना सड़क बन पाया ना ही रपटा। दुर्भाग्यपूर्ण है जिसके परिणाम स्वरूप बरसात में कुरवा से आना-जाना मतलब नाको तले चने चबाने जैसा है।
  इस साल के बरसात में रास्ते के दुर्दशा के मद्देनजर गांव के बच्चों सहित ग्राम वासियों ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को कुरवा आने का न्योता दिया और  विरोध स्वरूप छत्तीसगढ़ सरकार के महत्वपूर्ण योजना नरवा गरवा  घुरवा बाड़ी के योजना पर व्यंग्य कसते हुए स्कूली बच्चों ने भी अपनी व्यथा बताई  कि उनको स्कूलों में जाने में कितनी कठिनाइयों का करना पड़ता है।
  इस दौरान भाजपा एससी मोर्चा जिला अध्यक्ष देवादास चतुर्वेदी,भाजपा मंडल महामंत्री मिंटू बिसेन, रमेश बंजारे, राजेश बघेल, रामदयाल चेलक, श्रवण बघेल, रेशम लाल बघेल,गजेंद्र बघेल, देवेंद्र, शैलेन्द्र. अमर, आदि ग्रामीण मौजूद रहे।

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शौर्यपथ

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