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अस्पताल जाते समय हुई प्रसव पीड़ा, एंबुलेंस में हुई डिलीवरी ,जच्चा व बच्चा दोनों सुरक्षित

  • rounak group

नवागढ़ / शौर्यपथ / ब्लॉक में स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस सेवा एक गर्भवती के लिए वरदान साबित हुई। 102 एंबुलेंस से अस्पताल जाते समय महिला को रास्ते में ही प्रसव पीड़ा होने लगी। जिसके बाद एंबुलेंस कर्मियों ने रास्ते में ही गाड़ी रोककर फोन पर डॉक्टर से चिकित्सीय परामर्श लेते हुए उसका प्रसव कराया। जिसके बाद गर्भवती ने अपने बालक को जन्म दिया। बच्चे के जन्म के बाद महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां मां व बच्चे दोनों पूरी तरह से स्वस्थ हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शासन द्वारा संचालित 102 व 108 एम्बुलेंस सेवा लगातार आमजनों के लिए काम कर रही हैं। ब्लाक नवागढ़ के बीना कुमारी निषाद पति प्रेमुलाल निषाद निवासी ग्राम किरता गर्भवती थी। शुक्रवार की सुबह अचानक उसे प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। जिसकी सूचना परिजनों ने स्थानीय मितानीन को दी। जिसके बाद परिजनों ने 102 एंबुलेंस पर फोन किया। फिर एम्बुलेंस तुरंत मरीज को लेने निकला और ग्राम किरता पहुंचा।
एंबुलेंस के ईएमटी योगेश गेंडरे व पायलट गोकुल के साथ मौके पर पहुंचे और बीना कुमारी को एम्बुलेंस में उप स्वास्थ्य केंद्र नारायणपुर पर ले जाने लगे। लेकिन पीएचसी पहुंचने से पहले ही रास्ते में बीना की प्रसव पीड़ा तेज हो गई। जिसके बाद ईएमटी योगेश कुमार ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए पायलट गोकुल को गाड़ी किनारे खड़ी करने के लिए कहा। गाड़ी सड़क किनारे खड़ी करने के बाद ईएमटी दुर्गेश ने नवागढ़ में डॉक्टर से फोन से बात की और सुरक्षित प्रसव कराने में मेडिकल टेक्नीशियन की मदद ली। जिसके बाद एंबुलेंस में ही सुरक्षित तरीके से 08 बजे प्रसूता का सुरक्षित तरीके से प्रसव कराया।

प्रसव के बाद नारायणपुर में कराया भर्ती
महिला का एंबुलेंस में ही सुरक्षित प्रसव कराने के बाद दोनों एंबुलेंस कर्मियों ने उन्हें प्राथमिक उपचार दिया। जिसके बाद जच्चा और बच्चा को पीएचसी नारायणपुर में भर्ती कराया गया। प्रसव पीड़ित महिला के परिवार के लोग काफी चिंतित थे, लेकिन प्रसव के बाद सभी के चेहरे पर मुस्कान आ गई।
ईएमटी योगेश कुमार ने बताया कि गर्भवती महिला को दर्द से पीड़ित देखते हुए उन्होंने नवागढ़ में चिकित्सक से बात की। उनके मार्गदर्शन के बाद ही महिला का सुरक्षित प्रसव कराया जा सका। इसमें एंबुलेंस पायलट गोकुल व मितानीन संजू बाई का भी उन्हें पूरा सहयोग मिला। बच्चा और महिला अब दोनों स्वस्थ व सुरक्षित हैं।

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शौर्यपथ

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