Print this page

भगवान श्रीराम हमारे आध्यात्मिक जीवन में आराध्य और सामाजिक जीवन के आदर्श है

  • rounak group

बेमेतरा । शौर्यपथ । *आस्था और आदर्श के अयोध्या में श्रीराम मंदिर भूमिपूजन के मंगलमय बेला पर युवा सेवा संघ बेमेतरा के अध्यक्ष सोनू साहू ने अपने पुर्वजों के श्री राम जानकी मंदिर में पूजा अर्चना कर दीप प्रज्वलित करके श्री राम जी की आरती उतारकर विश्व मे चल रहे वैश्विक महामारी से विश्व को बचाने के लिए प्रार्थना करते हुए सोनू साहू ने बताया।अयोध्या रघुवंशी राजाओं की कौशल जनपद की बहुत पुरानी राजधानी थी। वैवस्वत मनु के पुत्र इक्ष्वाकु के वंशजों ने इस नगर पर राज किया था। इस वंश में आगे चलकर राजा हरिशचंद्र, भगिरथ, सगर आदि के बाद राजा दशरथ 63वें शासक थे। इसी वंश के राजा भारत के बाद श्रीराम ने शासन किया था। उनके बाद कुश ने एक इस नगर का पुनर्निर्माण कराया था। कुश के बाद बाद सूर्यवंश की अगली 44 पीढ़ियों तक इस पर रघुवंश का ही शासन रहा। फिर महाभारत काल में इसी वंश का बृहद्रथ, अभिमन्यु के हाथों महाभारत के युद्ध में मारा गया था। बृहद्रथ के कई काल बाद तक यह नगर मगध के मौर्यों से लेकर गुप्तों और कन्नौज के शासकों के अधीन रहा। अंत में यहां महमूद गजनी के भांजे सैयद सालार ने तुर्क शासन की स्थापना की और उसके बाद से ही अयोध्या के लिए लड़ाइयां शुरु हो गई। उसके बाद तैमूर, तैमूर के महमूद शाह और फिर बाबर ने इस नगर को लूटकर इसे ध्वस्त कर दिया था। अयोध्या का इतिहास प्राचीन है, और आज करोड़ो भक्तों की पुकार प्रभु श्री राम ने सुन ली और आज भूमि पूजन हुआ और अब मंदिर निर्माण शूर होगा यह रामभक्तो के लिए अत्यंत हर्ष की घड़ी है।अनंत कोटी अखिल ब्रम्हांडनायक के आशीष एवं समस्त सनातनियों के अथक प्रयास से आज भारतवर्ष गौरवान्वित है। सबके आराध्य प्रभु श्री राम जी के भव्य मंदिर का भूमि पूजन उत्सव की आप सभी सनातनी भाईयों और बहनों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनायें !*

Rate this item
(0 votes)
शौर्यपथ

Latest from शौर्यपथ