नवागढ़ / शौर्यपथ / ग्रामीण अंचल का प्रमुख पर्व पोला नवागढ़ शहर और ग्रामीण क्षेत्र में उत्साह और उमंग से मनाया गया। इस दौरान गांवों में पशुधन की पूजा-अर्चना कर धन धान्य और सुख समृद्धि की कामना की गई। बच्चों ने नांदिया बैल दौड़ाकर और मिट्टी के खिलौने खेलकर खूब आनंद उठाया। घरों में तैयार छत्तीसगढ़ी पकवान ठेठरी, खुरमी सहित अन्य तरह मनभावक पकवानों का लोगों ने लुत्फ उठाया। पोला पर्व के चलते खेतों में काम बंद रहा।
वही गुरुकुल विद्यालय नवागढ़ में भी पोला उत्सव मनाया गया । स्कूल के शिक्षक एवं बच्चों ने बड़े उत्साह के साथ इस पर्व को मनाया भूपेंद्र सिन्हा ने पोला के महत्व को बच्चों को बताया कि ऐसी मान्यता है कि आज के दिन पोला में मिष्ठान भरकर उसे तोड़ा जाता है और मान्यता यह है कि अगर पोला नहीं टूटता तो उसे व्यापारी व्यापारी अपने घर में गढा देते हैं जिससे अकाल पड़ता है तथा किसानों को महंगे दामों में सामान खरीदना पड़ता है जिसका फायदा व्यापारियों को होता है इसीलिए यह प्रयास किया जाता है कि हर हाल में पोला टूटना चाहिए। ऐसी परंपरा की जानकारी पहली बार पहली बार शिक्षक एवं बच्चों को मिला । कार्यक्रम में बच्चे एवं शिक्षकों ने बेहतरीन सुआ नृत्य किया जोकि बहुत ही उत्साहजनक था ।कार्यक्रम प्रभारी रूपेंद्र सिन्हा, मालती यादव, छाया निषाद ने बच्चों के लिए कबड्डी ,खो खो फुगड़ी आदि प्रतियोगिता आयोजित कीगई कुर्सी दौड़ मे सिमत सिन्हा,क्षमा,फुगढ़ी मे प्रशांत ने बाजी मारी । एविना,आंचल,आरती,प्रियंका के सुआ नृत्य ने सबका मन मोह लिया और उत्साह मे शिक्षिकाओं ने भी उनके साथ नृत्य कर बच्चों का मन जीत लिया।शिक्षिका छाया निषाद ने कर्मा गीत गाकर सबको भाव विभोर कर दिया। ऐसे आयोजनों से बच्चों में उत्सव ,पर्व ,परंपरा आदि की जानकारी का ज्ञान बढ़ता है विद्यालय संचालक राजेश धर दीवान ने इस आयोजन की सफलता के लिए विद्यालय परिवार को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।