नवागढ़ / शौर्यपथ / संसदीय सचिव व नवागढ़ विधायक गुरुदयाल सिंह बंजारे गुरुवार को मुरता में आयोजित कृषक सम्मान समारोह में शामिल हुए। जहां उन्होंने क्षेत्र के वरिष्ठ कृषकों को श्री फल और साल भेंट कर समान्नित किया। साथ ही उन्होंने प्रदेश सरकार की उपलब्धियां को किसानों के समक्ष रखा। उन्होंने क्षेत्र के किसानों को धान खरीदी में किसी प्रकार की असुविधा नही होगी भरोसा दिलाया ।
सेवा सहकारी समिति मुरता द्वाराआयोजित कृषक सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रुप में संसदीय सचिव बंजारे शामिल हुए। बंजारे ने किसान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मैं बहुत भाग्यशाली हूँ जो मुझे किसानों का सम्मान करने का अवसर प्राप्त हुआ है। किसान हमारे देश के गौरव का सबसे बड़ा कारण हैं। वे हमारे देश की आत्मा हैं। यह आयोजन और कुछ नहीं बल्कि उन्हें सम्मान देने का एक तरीका है, जिसके वे हकदार हैं।
आगे कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश में एक नवम्बर से धान खरीदी के महाभियान शुरू हो गया हैं। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी सहित किसान हितैषी योजनाओं से प्रदेश में खेती-किसानी में नये उत्साह का संचार हुआ है। खेतों से दूर हो रहे किसान खेतों की ओर लौटे हैं और खेती का रकबा भी बढ़ा है। खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 में लगभग 110 लाख मीट्रिक धान का उपार्जन अनुमानित है। समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए राज्य में 25.72 लाख किसानों का एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन हुआ है, जिसमें लगभग 61 हजार नये किसान है। इस साल किसानों से सामान्य धान 2040 रूपए प्रति क्विंटल तथा ग्रेड-ए धान 2060 रूपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा।
आगे केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि केंद्र सरकार नहीं चाहती कि किसानों की आमदनी बड़े इसीलिए उन्होंने समर्थन मूल्य से ऊपर धान खरीदी पर रोक लगा दिया । मगर हमारे छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के दृढ़ संकल्प और किसानों के हित को ध्यान में रखकर हमारी सरकारों ने किसान हितैषी योजना लाए और अंतर की राशि राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत खरीफ फसलों की उत्पादकता में वृद्धि तथा फसल विविधिकरण को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों को प्रति एकड़ के मान से 9 हजार रूपए तथा धान की खेती बदले अन्य फसलों की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ की मान से 10 हजार सब्सिडी दी जा रही है।
इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष अंजली मारकंडे, देवेंद्र साहू, रामबिहारी राजपूत, सहोद्रा साहू, द्वारिका सोनवानी, ईश्वर लोधी, लव राजपूत, पवन साण्डेय, घनाराम साहू, अरमान साहू, शिव बंजारे, संतोष बंजारे, डीपी सेवक, शिवचरण साहू व कृष्णा मानिकपुरी सहित किसान बंधु उपस्थित रहे.