राजनांदगांव / शौर्यपथ / कल 12 नवम्बर को राजनांदगांव जिले में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आगमन हो रहा है और राजनांदगांव मुख्यालय में ही भारी भ्रष्टाचार की गूंज सुनाई दे रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा है कि छत्तीसगढिया को रोजगार मिले परन्तु राजनांदगांव जिले के अधिकारी उनकी मंशा पर पानी फेरते नजर आ रहे है। दीपावली के समय मजदूर ठेकेदार सब अपने भुगतान के लिये अधिकारी से आग्रह करते रहे पर सुनवायी नही हुई और आज यह आकोश फूट पडा।आज पीएचई ठेकेदार संघ राजनांदगांव ने पीएचई कार्यालय में धावा बोलकर कार्यालय का घेराव किया। संघ द्वारा कार्यपालन अभियंता के नहीं मिलने पर डिविजनल एकाउन्टेट सी भास्कर को ज्ञापन सौंपकर भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारी सहित लंबित भुगतान को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।
एक जारी प्रेस विज्ञप्ति में पीएचई ठेकेदार संघ राजनांदगांव के जिला अध्यक्ष राकेश जोशी ने बताया कि पीएचई विभाग के राजनांदगांव मुख्य कार्यालय में विभिन्न समस्याओं को लेकर कार्यपालन अभियंता से ठेकेदार संघ अपनी बात कर चुका है परंतु कार्यपालन अभियंता की तानाशाही के चलते जेजेएम कार्यों के लंबित बिलो का भुगतान नहीं कर भष्टाचार को प्रश्रय दिया जा रहा है। जल जीवन मिशन के कार्यों में भुगतान नहीं होने से ठेकेदारों को आर्थिक व मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और यह सब विभागीय अधिकारियों की कमीशनखोरी मानसिकता के चलते आयी हुई बडी राशि का भुगतान दीपावली से आज पर्यंत भुगतान नहीं हुआ है। श्री जोशी ने बताया कि रायपुर उच्च कार्यालय से जेजेएम के भुगतान के लिये 18 करोड़ की राशि पिछले माह के 21 अक्टूबर को आई है । अन्य जिले में राशि का भुगतान पूर्ण हो गया है परन्तु इस राशि आने के बाद भी राजनांदगांव के ठेकेदारों को उनके लंबित कमीशनखोरी के कारण जायज भुगतान से वंचित किया गया है ।जिसके कारण विभाग के ठेकेदार आत्महत्या तथा अन्य गंभीर कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं। श्री जोशी ने आरोप लगाया कि कार्यपालन अभियंता के द्वारा समयावृद्धि के नाम से राशि 6% काटी जाती है। पीएचई विभाग के द्वारा जेजेएम कार्य के लिये सरपंचों से स्वयं अनुबंध कराए गए हैं लेकिन भुगतान के समय ठेकेदारों को हस्ताक्षर कराने के लिए सरपंचों के पास भेजा जाता है जहां सरपंच के द्वारा हस्ताक्षर करने के नाम पर भी मोटी रकम की मांग की जाती है। इस बारे में भी कार्यपालन अभियंता को अवगत कराया गया हैं परंतु उनके निराशापूर्ण जवाब से भ्रष्टाचार को पूरा संरक्षण मिल रहा है। पीएचई के कार्यपालन अभियंता द्वारा यह कहा जाता है कि मेरे द्वारा सीएम साहब को 50,00000 पचास लाख रुपए दिया गया है ।मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
श्री जोशी ने यह भी बताया कि कार्यपालन अभियंता को किसी ठेकेदार द्वारा अपनी किसी समस्या को लेकर फोन लगाया जाता है तो उनके द्वारा कभी फोन रिसीव नहीं किया जाता है और और रिटर्न कॉल भी नहीं किया जाता। पीएचई विभाग के स्टाफ का व्यवहार भी बहुत खराब है। कोई सीधे मुंह बात नहीं करता।श्री जोशी ने कहा कि कार्यपालन अभियंता द्वारा दीपावली के समय आवंटन प्राप्त होने के पश्चात भी ठेकेदारों से एडवांस कमीशन की गंदी मानसिकता के चलते भुगतान नहीं किया गया। ईई व डीए की कमीशनखोरी के छवि के चलते राज्य शासन की छवि खराब हो रही है। डिवीजनल अकाउंटेंट सी भास्कर, सहायक अभियंता, उप अभियंता के द्वारा पूर्व कार्यपालन अभियंता एसएन पांडे के द्वारा किए गए भुगतान के कमीशन के लिए भी परेशान किया जाता है। पीएचई कार्यालय के इस घेराव के दौरान ठेकेदार संघ के संरक्षक सुरेंद्र दास वैष्णव, अनिल सक्सेना के अलावा संघ के जिला अध्यक्ष राकेश जोशी ,सदस्य निलेश श्रीवास्तव नितिन भाटी ,दुर्गेश शुक्ला, दीपक वर्मा, वीरेंद्र गौतम ,अमर ज्वाला सारांश अजमानी, मनोज ठाकुर ,अतुल जायसवाल, संतोष मीणा ,गोलू सिन्हा, डेविड वर्मा विनय बिंदल, अमन अरोरा,मितेश, सुनील गोलछा प्रतीक जैन, आशीष अग्रवाल विमल गुप्ता, नितिन गुप्ता ,विजय अग्रवाल, प्रवीण तिवारी, गुरुशरण भाटिया, श्रेजस खंडेलवाल, यशवंत चंद्राकर, रसूल खान ,वरुण पांडे आदि बड़ी संख्या में ठेकेदार उपस्थित थे।