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सरपंच-सचिव की घोर लापरवाही, 15 अगस्त राष्ट्रीय पर्व में पंचायत में नहीं फहराया गया तिरंगा! Featured

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राजनांदगांव / शौर्यपथ / जनपद पंचायत छुरिया के ग्राम पंचायत रानीतालाब हमेशा विवादों के सुर्खियों में ही रहता है। यहां सरपंच, सचिव की मनमानी चल रही है। हाल ही में पूरे देश का राष्ट्रीय पर्व 15 अगस्त में तिरंगा नहीं फहराना समझ से परे है। ग्रामीणों ने बताया की राष्ट्रीय पर्व में भी सचिव का इंतजार करते रहे। पंचायत भवन में ताला लगा हुआ था। बताया जा रहा है कि 2019 पंचायत चुनाव के बाद से अभी तक सचिव मुश्किल से दस दिन ही आया होगा पंचायत कार्यालय में, जबकि अवकाश को छोड़कर प्रतिदिन कार्यालय में उपस्थित रहना चाहिए। ग्रामीणों ने पूर्व की तरह वार्ड पंचों के साथ मिलकर सरपंच के हाथों प्राथमिक शाला रानीतलाब के शाला प्रांगण में तिरंगा फहराया।
यहां पदस्थ सचिव की इतना दबंगई चलता है कि लोगों का बात ही नही सुनते। आए दिन यहां के जनता सचिव के व्यवहार से काफी परेशान हो रहे है। वहीं शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं जनता तक नहीं पहुंच पा रही है। लोग ये भी बताते है कि यहां पदस्थ सचिव की राजनीति में अच्छी खासी पकड़ है। यही कारण है कि संबंधित विभाग भी कार्यवाही करने से डरते है।
इस वर्ष शालाओं में कोविड-19 के कारण बच्चों की उपस्थिति भी नहीं रही, जबकि सचिव को अपने पंचायत भवन कार्यालय में 15 अगस्त को उपस्थित रहकर पंचायत भवन में राष्ट्रीय ध्वज को फहराया जाना था, लेकिन इस दिन भी सचिव नदारद रहे इससे पहले भी रानीतालाब पंचायत में फर्जी कारनामे, सचिव की अनुपस्थिति की शिकायत ग्रामीणों के द्वारा जनपद पंचायत छुरिया में शिकायत किया जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई जांच न कोई कार्यवाही किया गया।
बताया जा रहा है जिससे लापरवाही बरत रहे लोगो को कुछ भी नहीं होने का हवाला देकर मनमानी करते जाते हैं, जिस पर जनपद पंचायत के अधिकारियों को संज्ञान में लेकर कार्यवाही किया जाना जरूरी हो गया है। साथ ही सचिव को प्रतिदिन पंचायत कार्यालय में उपस्थित रहने की आदेश दिया जाना आवश्यक है। पर सबसे बड़ी बात तो यह भी है कि गांव के लोग कहते हैं, जब से पंचायत भवन बना है अब तक उसका उद्धघाटन नहीं हुआ है और ना ही पिछले छ: सालों में अब तक स्वतंत्रता दिवस व गणतंत्र दिवस का झंडा पंचायत कार्यालय में नहीं फहराया गया है। इससे पता लगाया जा सकता है जिन्हें छुरिया विकासखंड के 118 पंचायतों का जिम्मेदार पद पर बैठा गया है वे जनपद में बैठ अधिकारी अपना कितना जिम्मेदारी निभा रहे है।
सरपंच संघ के अध्यक्ष धर्मेंद्र साहू से वर्जन लिया गया, जिसमें उनका साफ कहना हैं, अगर कोई भी पंचायत कार्यलय में झंडा नहीं फहराया तो गांव के प्रमुख होने के नाते सरपंच पहले जिम्मेदार है और उतने ही गांव के सचिव भी क्योंकि वो एक शासकीय कर्मचारी होने के नाते लोकतंत्र बहुत बड़ी बात है। पर सबसे पहले जिम्मेदारी गांव के मुखिया की है कि वे पंचायत कार्यालय में झंडा रोहण कराएं।
इस मामले में सरपंच कौशल्या बांधे से पूछा गया तो उनका साफ कहना था सचिव नहीं आये थे, इसलिए झंडारोहण नहीं किया गया।

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शौर्यपथ

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