Print this page

भूख हड़ताल:पंचायत सचिवों ने शुरू की क्रमिक भूख हड़ताल,शासकीयकरण की मांग को लेकर जारी रहेगा प्रदर्शन

  • doing of business

नवागढ़। शौर्यपथ ।  पंचायत सचिव अपनी एक सूत्रीय मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। एक माह से भी अधिक समय से डटे पंचायत सचिव ने सोमवार से क्रर्मिक भूख हड़ताल शुरू कर दी है। पहले दिन नवागढ़ जनपद पंचायत धरना स्थल पर सचिव राजनारायण कुर्रे,रमेश साहू, बेदुराम साहू, तिरिथ राम पाल एवं रामनारायण निषाद ने भूख हड़ताल किया ।

उल्लेखनीय है कि प्रदेशभर के पंचायत सचिव अपनी एक सूत्रीय शासकीयकरण की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। विगत 16 मार्च से जारी उनका आंदोलन जारी है। अब आंदोलन को तेज करते हुए उन्होंने 24 अप्रैल से क्रमिक भूख हड़ताल का ऐलान कर दिया है।

प्रदेश ग्राम पंचायत सचिव संघ ब्लॉक अध्यक्ष राजनारायण कुर्रे ने कहा कि ग्राम पंचायत सचिवों के अनिश्चितकालीन हड़ताल अंतर्गत रोज पांच-पांच पंचायत सचिव क्रमिक भूख हड़ताल कर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे।

 उनका कहना है कि मांग पूरी होने तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। ग्राम पंचायत सचिवों के हड़ताल में चले जाने से पंचायत अंतर्गत होने वाले सभी प्रकार के कार्य बंद हो गए है। इसमें गोबर खरीदी कार्य, जन्म मृत्यु पंजीयन, पेंशन भुगतान, राशन कार्ड, निर्माण कार्य एवं अनेक हितग्राही मूलक कार्य बंद हो गए है। 

पंचायत सचिवों का कहना है कि दो साल की परीक्षा अवधि के बाद शासकीयकरण करने की बात कही गई थी, लेकिन सरकार वादा कर भूल गई है। अन्य कर्मचारियों को जो लाभ मिल रहे हैं पुरानी पेंशन, क्रमोन्नाति, ग्रेच्युटी वह सब उन्हें भी मिलना चाहिए। इसे लेकर कई बार ज्ञापन दिया। वार्ता हुई लेकिन आश्वासन से आगे बात नहीं बढ़ी। प्रदेश में 27 सालों से 10 हजार से भी अधिक पंचायत सचिव अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ग्रामीण अंचल में शासन के समस्त योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम लोगों तक पहुंचे इसके लिए जिम्मेदारी पूरी कर हे हैं। इसके बाद भी शासकीयकरण का वादा अभी तक पूरा नहीं किया गया है। 

इस दौरान नाथूराम, बसंत यादव, दानेश्वर राजपूत, राजेंद्र पाटील, संतोष राजपूत,अवध राम, ईश्वर पटेल,श्यामू राम वर्मा, अर्जुन डिंडोरे, बृजमोहन वैष्णव, रमेश कुमार राजपूत, गौकरण साहू, परीक्षित साहू, शशिकांत, कुंज राम, गोविंद गोयल सहित सचिवगण उपस्थित रहे।

अधिकारियों ने सचिवों का काम करने से किया मना

ज्ञात रहे कि प्रशासन ने पंचायत सचिव का काम करने के लिए इंजीनियर और अधिकारियों को कहा था लेकिन उन्होंने एतराज जताया है। वहीं दूसरी ओर सचिवों का आंदोलन तेज होती जा रही है जिससे शासन प्रशासन की चिंताएं बढे लगी है।

Rate this item
(0 votes)
शौर्यपथ

Latest from शौर्यपथ