नवागढ़ / शौर्यपथ / तहसील के अंतर्गत सेवा सहकारी समिति नेवशा अंर्तगत किसान राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत 52 किसानों का प्रथम किस्त नहीं आया है। जिससे किसान परेशान होकर कभी समिति, तो कभी बैंक तो कभी तहसील कार्यालय और कृषि विभाग में किस्त पाने के लिए भटक रहे।
किसान नेता जितेन्द्र सिंह भुवाल ने बताया कि नेवशा समिति में कुल 1486 पंजीकृत किसान है। जिसमें सत्यापन के लिए लंबित किसान 300 है। भुस्वामी का नाम गलत होने के कारण लंबित किसान 375, भुस्वामी का प्रकार गलत होने के कारण लंबित किसान 113 एवं 108 एकड से अधिक क्षेत्रफल होने के कारण लंबित किसान 01, सोसायटी में खाता अद्यतन के लिए लंबित किसान 01, खाता सफलतापूर्वक अपडेट किया गया बैंक को भेजने के लिए लंबित किसान 639 है।
भुवाल ने बताया कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना छत्तीसगढ़ सरकार की योजना है जिसमें कास्तकार किसानों को उनकी फसलवार गिरदावरी रक्बा के अनुपात में प्रति एकड़ 9000 रुपए सीधा किसान के सत्यापित खाता में अंतरित की जाती है। जिसमें धान, अरहर, सोयाबीन, मुंगफली, मुंग इत्यादि खरीफ फसल शामिल है। इस वर्ष 2023 में 21मई को प्रथम किस्त की राशि छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा किसानों के खाते में अंतरित की गई है।
सत्यापन के नाम पर अनियमितता
किसान नेता भुवाल का आरोप है जब गिरदावरी रकबा 10 माह पूर्व सत्यापित है तो पुनः सत्यापन का खेल समझ से परे है। उसमें छेड़छाड़ कर किसानो को परेशान करना साफ दिखाई दे रहा है। एक समिति के इतनी संख्या में हेरफेर होना किसानों के खाते में राशि अबतक अंतरित नही होना एक गंभीर अनमितता है। किसान अपने प्रथम किस्त की राशि के लिए चक्कर लगाने मजबूर हैं।