कवर्धा/शौर्यपथ /केंद्र सरकार द्वारा 19सितंबर 2023 को नारी शक्ति वंदन अधिनियम नाम से महिला आरक्षण बिल लोकसभा में पेश किया गया जिसमें लोकसभा व विधानसभा में 33% सीटों को महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है, जिसमें एस. टी. व एस.सी.वर्ग के महिलाओं के लिए तो आरक्षण का प्रावधान किया गया है किन्तु ओ. बी.सी. वर्ग के महिलाओं को इससे वंचित कर दिया गया है अर्थात इस बिल में ओ. बी.सी. वर्ग के महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान नहीं किया गया जिससे महिला सशक्तिकरण पर सरकार कि नियत पर संदेह उत्पन्न हो रहा है, रवेली जेवडन सेक्टर प्रभारी श्री सुधीर दुबे जी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि भाजपा सरकार आने वाले लोकसभा चुनाव को दृष्टिगत रखते हुए महिलाओं का वोट पाने के लिए आधी अधूरी बिल को पेश किया गया, वैसे भी यदि यह बिल तत्काल लागू नहीं हो सकता तो ऐसे बिल लाने का औचित्य ही समझ से परे है, प्रस्तुत बिल में सरकार द्वारा कहा गया कि पहले जनगणना होगी फिर नए परिसीमन होगा इसके आधार पर महिला सीटे तय होगी तब जाकर 33% आरक्षण लागू होगा मतलब प्रक्रिया लंबा होने के कारण कब लागू होगा इसका कोई ठिकाना नहीं है।
कुल मिलाकर देखा जाय तो पुर्व में कांग्रेस नीत मनमोहन सिंह सरकार ने बड़ी ही साफ नियत से महिला सशक्तिकरण को ध्यान में रखकर अपने कार्यकाल में राज्यसभा में महिला आरक्षण बिल पास करवा लिया था किंतु लोकसभा में महिला विरोधी विपक्षी पार्टीयो के विरोध के चलते लोकसभा में पास नहीं हो पाया और वह बिल निरस्त हो गया लेकिन कांग्रेस पार्टी हमेशा से ही महिलाओं को बराबरी का दर्जा देने पर प्रतिबद्ध रहा है जिसके चलते ही त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में महिलाओं के लिए 33% से भी अधिक आरक्षण लागू कर इतिहास रचने का काम किया है परिणामस्वरूप आज जिला,जनपद व ग्राम पंचायत चुनाव में महिलाओं को अधिक से अधिक प्रतिनिधित्व करने का मौका मिल रहा है, जबकि भाजपा सरकार के द्वारा पेश किए गए महिला आरक्षण बिल में ओ. बी.सी. वर्ग के महिलाओं को आरक्षण न देकर केवल छलने का काम किया है, जिसके कारण इस वर्ग के महिलाओं को अधिक से अधिक संसद या विधायक बनने के अवसर से हाथ धोना पड़ेगा, हमारे पूर्व राष्ट्रीय अध्य्क्ष श्री राहुल गांधी जी, श्री मल्लिकार्जुन खडगे जी ने भी सरकार से इस वर्ग के महिलाओं को आरक्षण दिए जाने की गुजारिश किए तथा कांग्रेस पार्टी सरकार से मांग करती है कि ओ. बी.सी. वर्ग के महिलाओं को भी आरक्षण प्रदान करे।