उप मुख्यमंत्री सिंहदेव 94 मतों से हारे तो मोहम्मद अकबर की लगभग 40 हजार मतों से हुई हार
रायपुर / शौर्यपथ /
कांग्रेस को विधायकों का टिकट काटना और नए चेहरों पर दांव लगाना भारी पड़ गया है. जिन 22 सीटों पर कांग्रेस ने विधायकों की टिकट काटी थी, उसमें से 14 सीटों पर भाजपा ने कब्जा किया है. वहीं कांग्रेस केवल 8 सीट पर ही वापसी कर पाई है. वहीं 1 सीट पर गोडवाना गणतंत्र पार्टी ने कब्जा किया.
प्रदेश कांग्रेस संगठन को साल 2023 के विधानसभा चुनाव में अपने कांग्रेसी विधायकों का टिकट काटना काफी महंगा पड़ गया वहीं निष्क्रिय और क्षेत्र में जबरदस्त विरोध झेल रहे मंत्रियों को टिकट देना भी भारी पड़ गया .कांग्रेस संगठन ने 2023 के विधानसभा चुनाव में 22 विधायकों की टिकट कटी जिनमें से 14 विधानसभा क्षेत्र में भाजपा ने जीत दर्ज कर ली कांग्रेस केवल 8 सीट पर ही अपनी जीत को दोहरा सकी यहां पर अगर कांग्रेस अपने पुराने विधायकों को फिर से मौका देती तो हो सकता है यह गिनती 8 से 16 तक पहुंचती वहीं निष्क्रिय और विरोध झेल रहे मंत्रियों में गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ,गुरु रुद्र कुमार ,जय सिंह अग्रवाल ,मोहम्मद अकबर ,रविंद्र चौबे को टिकिट देना भी कांग्रेस के लिए भारी पड़ गया . कुछ विधायक ऐसे भी थे जिनका क्षेत्र जबरदस्त विरोध हो रहा था बावजूद इसके उन्हें पुन: मौका देकर कांग्रेस ने यह सीट भी गवा दी उसमें अगर देखा जाए तो अहिवारा विधानसभा क्षेत्र से निर्मल कोसरे ,दुर्ग विधानसभा क्षेत्र से अरुण वोरा , पंडरिया विधानसभा से नीलू चंद्रवंशी , जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र से जतिन जायसवाल , बेमेतरा से आशीष छाबड़ा जैसे कई प्रत्याशियों को टिकिट देना कांग्रेस संगठन की एक बड़ी भूल थी ऐसे ही चंद सीटों का आकलन अगर भारतीय राष्ट्रिय कांग्रेस पार्टी गंभीरता से करती तो आज उनकी सीटे 35 के स्थान पर 45 से ज्यादा हो जाती अब देखना यह है कि आने वाले समय में कांग्रेस संगठन किस तरह से अपनी वापसी करती है और प्रत्याशियों के चयन में कौन सा मापदंड अपनाती है .
बीजेपी ने भी काटा 2 विधायकों का टिकट
2018 विधानसभा चुनाव में 15 सीट पाने वाली बीजेपी ने भी 2 सीटिंग एमएलए का टिकट काटा. जिन 2 विधायकों को टिकट नहीं दी गई वे बेलतरा और बिंद्रानवागढ़ विधानसभा सीट से आते हैं. बिंद्रानवागढ़ कांग्रेस और बेलतरा सीट भाजपा बचाने में कामयाब रही.
22 सिटिंग विधायकों का टिकट काटना पड़ा मंहगा
प्रतापपुर-हारे
बिलाईगढ़- जीते
मनेंद्रगढ़- हारे
रामानुजगंज-हारे
सामरी-हारे
लैलूंगा-जीते
पालीतानाखार- जीते
जगदलपुर-हारे
धरसीवां-हारे
रायपुर ग्रामीण-हारे
कसडोल-जीते
महासमुंद- हारे
सरायपाली-जीते
सिहावा-जीते
नवागढ़-हारे
पंडरिया-हारे
खुज्जी- जीते
डोंगरगढ़-जीते
अंतागढ़-हारे
चित्रकोट-हारे
दंतेवाड़ा-हारे
कांकेर-हारे