कोंडागांव / शौर्यपथ /
विधानसभा में गलत रिपोर्ट दे कर विभाग बचा रहा अपने कर्मचारियों को क्या रायपुर के आर.ई.एस.(विकास आयुक्त कार्यालय के मुख्य अभियंता ) की भी है मिलीभगत अब ये जांच का विषय बना हुआ क्यों कि विधानसभा में सवाल का गलत उत्तर देना अब विषय को तूल देना व अपने कर्मचारियों को बचाया जा रहा है आप को बतादे की 25 जुलाई 2024 को कोंडागाँव आरईएस विभाग पर विधायक लता उसेंडी ने सवाल रखा था जिसका जवाब मुख्य अधिकारी द्वारा गलत जानकारी देते हुए विभाग के लोगों को बचाने की पूरी तैयारी की गई थी।
एक दिन बाद जब हमारे संवाददाता दीपक वैष्णव ने कोंडागाँव के आरईएस के ईई खिलेश्वर साहू से बात की गई तो उनका कहना है मेरे द्वारा सही जानकारियां भेजी गई थी मगर विभाग के ऐसा क्यों किया में समझ नही पा रहा हु ।
वही खिलेश्वर साहू द्वारा हमारे संवाददाता को भेजी गई दस्तावेज दिया जिसमे सही जानकारी थी दस्तावेज को देखने के बाद पाठक भी सोचने में मजबूर हो जाएंगे कि किस तरह विभाग अपने कर्मचारियों को बचा रहा और विधानसभा को झूटी जानकारी दी।
एक साल से चल रहा बचाने का प्रयास
पहले पूर्व 2023 के 11 जुलाई को कोंडागाँव विधायक मोहन मरकाम एवं वर्तमान कोंडागाँव विधायक व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री लता उसेंडी ने विधानसभा में सोलर खरीदी भ्रष्टाचार का रखा सवाल जिस पर जांच करने की बात सामने आ रही है किन्तु बाद सवल यह है कि विधान सभा में मामला उठाने के बाद भी जिम्मेदारो पर कार्यवाही का ना होना कही ना कही अधिकारियो की संलिप्तता की ओर इशारा कर रही है जबकि यह योजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ग्रामीण क्षेत्रो में विकास की एक महत्तवपूर्ण योजना है .
बता दे हमारे संवाददाता दीपक वैष्णव के द्वारा सूचना के अधिकार के तहत जो जानकारियां प्राप्त हुई उसमे विभाग के द्वारा अजय कुमार चौधरी व भानु राम देव को विभाग द्वारा दस्तावेज में दोषि बताया गया है मगर अब तक दोनों व कार्य को अंजाम देने वाले निखिल जैन नामक उक्त व्यक्ति पर कार्यवाही नही होना पूरे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है ।
क्या है पूरा मामला जाने
दअरसल अजय कुमार चौधरी कहे जाने वाले आरईएस विभाग के ईई के द्वारा अपने आप को व ठेकेदार को फ़ायदा पहुँचाने के लिए जेम पोर्टल पर भ्रष्टाचार को अंजाम देने की मंशा रखी थी 51 हजार के एक हाईब्रिड सोलर लाइट के स्थान पर लोकल सोलर लाइट लगा कर पैसे निकालना चाहा था पर पूरा मंसूबा फेल हो गया ।
2019 के मंत्रिपरिषद के बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य में जेम (goverment e- market) के स्थान पर शासकीय सामग्री का क्रय ऑनलाइन पोर्टल प्रकिया से किया जाना है। इस तारतम्य में जेम को निरस्त करने के संबंध में छत्तीसगढ़ शासन दिनांक 28/01/2018 आदेश जारी किया गया था ।
जब जेम से क्रय करना बंद है तो किसके द्वारा निविदा जेम में लगाया गया है ये बड़ा सवाल है किसके द्वारा आधे घंटे के अंदर जेम में निविदा डाला है साथ ही शौर्यपथ के प्रकाशित खबरों के बाद विभाग ने जांच तो कराया और सभी कर्मचारियों का बयान भी लिया गया निष्कर्ष में विभाग ने अजय कुमार चौधरी व सहयोगी भानु राम देव को सत्यापित दस्तावेजों में दोषी ठहराया गया इसके बावजूद भी विधानसभा में गलत रिपोर्ट भेजना व अब तक दोनों विभाग के कर्मचारियों पर कार्यवाही ना होना विभागीय कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है .
क्या उठा विधानसभा में बात क्या होगी कार्यवाही
कोंडागाँव भाजपा विधायक व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री लता उसेंडी के सवाल के जवाब में मंत्री राम विचार नेताम ने 2021 से 2024 के बीच हुई खरीदी की जांच कराने की घोषणा की. कोंडागाँव विधायक लता उसेंडी ने प्रश्नकाल में इस मामले को उठाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत हुई सोलर लाइट की खरीदी में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है. अधिकारियों ने मंत्री को सदन में गलत जानकारी दी है. 12 जून को आरटीआई से मिली जानकारी में बताया गया है कि 3 अधिकारियों के खिलाफ शिकायत प्राप्त हुई है. मंत्री सदन में गलत जानकारी दे रहे हैं. पिछली सरकार में सोलर लाइट को लेकर गड़बड़ी हुई है. सक्षम अधिकारियों ने गड़बड़ी की है.
पूरे प्रदेश के आदर्श ग्राम योजना में सोलर लाइट खरीदी की जांच होगी. विधान सभा की जांच समिति जांच करेगी. भाजपा विधायक लता उसेंडी के सवाल के जवाब में मंत्री राम विचार नेताम ने 2021 से 2024 के बीच हुई खरीदी की जांच कराने की घोषणा की.
भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि सरकार ने जवाब दिया है कि राज्य स्तरीय समिति जांच कर रही है. क्या सदन की समिति से राज्य स्तरीय समिति की जांच के बिंदु शामिल किए जाएँगे. मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि सदन की समिति जिन-जिन विषयों को जांच में शामिल करेगी, उन पर जांच की जाएगी.