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जशपुर में 51 लाख की अवैध शराब जब्त, 734 कार्टन बरामद – ऑपरेशन ‘आघात’ में पुलिस की तीसरी बड़ी सफलता

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पंजाब से बिहार जा रही थी शराब, ट्रक चालक गिरफ्तार, बड़े सिंडिकेट की संलिप्तता की आशंका

जशपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में पुलिस को नशा तस्करी के खिलाफ ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। मुखबिर से मिली सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 734 कार्टन अंग्रेजी शराब से लदा ट्रक जब्त किया है। जब्त शराब की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 51 लाख रुपये आंकी गई है। इस मामले में एक ट्रक चालक को गिरफ्तार किया गया है, जबकि पुलिस को पूरे तस्करी नेटवर्क में बड़े सिंडिकेट की सक्रियता का संदेह है।
ऐसे हुआ खुलासा:
दिनांक 4 अगस्त को जशपुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक संदिग्ध ट्रक (क्रमांक UP12AT1845) भारी मात्रा में अवैध शराब लेकर जशपुर क्षेत्र से गुजरने वाला है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम आगडीह, NH-43 पर पुलिस ने त्वरित नाकाबंदी की। कुछ ही देर में संदिग्ध ट्रक वहां से गुजरता दिखाई दिया, जिसे तुरंत रोका गया।
ट्रॉली से निकली नशे की खेप:
   ट्रक की तलाशी लेने पर ट्रॉली से 734 कार्टन में पैक अंग्रेजी शराब बरामद हुई। बरामद माल को जब्त कर लिया गया है। पूछताछ में ट्रक चालक चिमा राम (उम्र 26 वर्ष) ने बताया कि वह चंडीगढ़ (पंजाब) से ट्रक लेकर रांची (झारखंड) तक जा रहा था, जहां से कोई अन्य व्यक्ति उसे बिहार ले जाने वाला था। उसे इस कार्य के लिए ₹45,000 की रकम दी गई थी।
सिंडिकेट की जांच में जुटी पुलिस:
  पुलिस को शक है कि यह केवल ट्रक चालक का काम नहीं, बल्कि एक संगठित अपराध सिंडिकेट की सक्रिय तस्करी है, जो विभिन्न राज्यों से होते हुए भारी मात्रा में शराब की अवैध आपूर्ति कर रहे हैं। चूंकि चालक को यह नहीं बताया गया था कि ट्रक में क्या है, पुलिस यह मान रही है कि चालक को मोहरा बनाकर पीछे से पूरी तस्करी नियंत्रित की जा रही है।
ऑपरेशन आघात की तीसरी बड़ी कार्रवाई:
  यह जशपुर पुलिस की तीसरी बड़ी कामयाबी है, इससे पहले भी दो बार शराब से लदे ट्रक पकड़े जा चुके हैं। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि पुलिस ने नशे के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस नीति’ अपना रखी है।
 प्रशासन का सख्त संदेश:
  जशपुर पुलिस अधीक्षक ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि “कोई भी नशे का सौदागर अब सुरक्षित नहीं है। हमारी कार्यवाही सिर्फ सप्लाई पर नहीं, पूरे नेटवर्क पर केंद्रित है।” वहीं, स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की तत्परता की सराहना करते हुए ऐसे अभियान को जारी रखने की मांग की है।
    नशे के जाल को तोड़ने के लिए सीमावर्ती जिलों में कड़ी निगरानी और मुखबिर तंत्र को और मजबूत करने की जरूरत है। जशपुर की कार्रवाई आने वाले समय में अन्य जिलों के लिए भी मिसाल बनेगी।

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शौर्यपथ

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