दैनिक शौर्यपथ महासमुन्द ब्यूरो संतराम कुर्रे
आज सांकरा सोसायटी अंतर्गत सागुनधाप, परसवानी धान खरीदी केंद्र सोसायटी का निरीक्षण किया तथा धान खरीदी में लिमिट कम करने का गम्भीर आरोप भाजपा सरकार पर फिर लागाया, किसान नेता संजय सिन्हा ने छत्तीसगढ में हो रहे धान खरीदी के लचर व्यवस्था एवं खरीद प्रणाली को लेकर प्रदेश की भाजपा की साय सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में धान खरीदी लगभग 23दिन से भी अधिक समय बीत चुके हैं।किंतु सरकार की गलत नीतियों के कारण खरीद केंद्र में लिमिट बहुत ही कम होने के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अभी मात्र 270 क्विंटल प्रतिदिन लिमिट से एस्ट्रा खरीदी हो रहा है उससे किसानों का कुछ नही होने वाला है साथ ही टोकन को लेकर भी समस्या आ रही, कई किसानों का आज भी एग्रीस्टेक पंजीयन नही हुवा है किसान धान तो लगाये पर गिदावरी रिपोर्ट में जीरो दिखा रहा हैं इससे किसानों को बहुत से समस्या से झूझना पड़ रहा है,आन लाइन टोकन में कम लिमिट दिखाई देने व आन लाइन में हो दिक्कतें भी परेशान कर रही।तीस प्रतिशत समिति द्वारा टोकन काटा जाना है वह भी सही नहीं हो रहा है। किसानों को अपने वाजीब फसल को विक्रय करने में जद्दोजहद करना पड़ रहा है।खरीदी की लिमिट कब बढ़ाया जाएगा इसका कोई जवाब नहीं दे रहा है। किसान आज अपने आप को ठगा सा महसूस कर रही है पूर्वर्ती भूपेश बघेल की कांग्रेस सरकार को याद कर रही है।किसान कांग्रेस नेता संजय सिन्हा ने आघे अपने विज्ञप्ति में कहा कि इस बार किसानों को धान बेचने के लिए टोकन काटने को जूझना पड़ रहा है तुंहर एप सिमित समय के लिये खुलता हैं और चंद मिनटों में ही बंद हो जाता है, दरअशल सुबह निर्धारित समय मे कुछ देर के लिये ही एप खुलता है इस समय सभी किसान टोकन के लिए प्रयाश करते हैं,इसमे कुछ ही किसान सफल हो पाते और बमुश्किल दो से चार मिनट में एप बन्द हो जाता है यही वजह है कि ज्यादातर किसान चॉइस सेंटर में जाकर टोकन के लिए लाइन लगाने को मजबूर हैं पूरे महासमुंद जिला व प्रदेश में यही तसवीर नजर आ रही है किसान कांग्रेस के प्रदेश सचिव संजय सिन्हा ने कहा कि पूर्व की किसान हितैषी कांग्रेस की भूपेश बघेल की सरकार में किसान परेशान नही थे जबकि अभी वर्तमान भाजपा के साय सरकार से पूरे प्रदेश के किसान परेशान हैं व किसान नेता सिन्हा ने कहा कि खरीदी की लिमिट शीघ्र बढाने को कहा है अगर लिमिट नही बढ़ता है इसका मतलब साफ है कि भाजपा की सरकार किसानों का धान नही खरीदना चाहता अगर खिरदना चाह रहा है तो किसानों का एक एक दाना चाहे फरवरी क्यो ना हो जावे खरीदने में सरकार को एक इस्टेटमेंट जारी करना चाहिये!