कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने किया योजनागत कार्यों का निरीक्षण, मत्स्य उत्पादन व रोजगार में उल्लेखनीय वृद्धि
मोहला / शौर्यपथ /
प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के अंतर्गत जिले में संचालित विभिन्न कार्यों का कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने स्थल भ्रमण कर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने तालाब निर्माण, बायोफ्लॉक पॉण्ड एवं मछली बीज उत्पादन हेचरी की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कलेक्टर ने विकासखंड मानपुर के ग्राम वासड़ी (घोटिया) में हितग्राही रोहित सलामे द्वारा निजी भूमि पर स्थापित बायोफ्लॉक पॉण्ड का अवलोकन किया। प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के अंतर्गत उन्हें 16.80 लाख रुपये की अनुदान स्वीकृति प्रदान की गई है। वर्तमान में 0.20 हेक्टेयर क्षेत्र में मछली पालन से प्रतिवर्ष लगभग 3 लाख रुपये की आमदनी प्राप्त हो रही है, जिससे हितग्राही की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है।
इसके पश्चात कलेक्टर ने मछली पालन विभाग द्वारा 4.00 हेक्टेयर शासकीय भूमि पर निर्मित की जा रही जिले की प्रथम मछली बीज उत्पादन हेचरी का निरीक्षण किया। इस हेचरी से प्रतिवर्ष लगभग 1 करोड़ स्टैंडर्ड फ्राई का उत्पादन किया जाएगा। हेचरी निर्माण हेतु शासन द्वारा 25 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। वर्तमान में 13 तालाबों का निर्माण पूर्ण हो चुका है तथा शेष निर्माण कार्य प्रगतिरत है। कलेक्टर ने निर्माण कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। हेचरी के पूर्ण होने से जिले के मछली पालकों को शासकीय दर पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध होगा और जिला मत्स्य बीज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनेगा।
निरीक्षण के क्रम में ग्राम खड़गांव, विकासखंड मानपुर में कचरू राम सलामे के निजी भूमि पर 2.00 हेक्टेयर क्षेत्र में किए जा रहे नवीन तालाब निर्माण कार्य का भी अवलोकन किया गया। इस परियोजना के लिए 14 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसमें तालाब निर्माण पूर्ण होने के पश्चात 60 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। तालाब से प्रतिवर्ष लगभग 10 लाख रुपये की आय के साथ 5 से 6 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
इसी क्रम में ग्राम गिधाली, विकासखंड मोहला में श्रीमती संतोषी बाई मण्डावी एवं श्री हमेन्द्र मण्डावी द्वारा किए जा रहे तालाब एवं बायोफ्लॉक पॉण्ड निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया गया। श्रीमती संतोषी बाई को 1.00 हेक्टेयर में नवीन तालाब एवं 0.10 हेक्टेयर में बायोफ्लॉक पॉण्ड निर्माण की स्वीकृति दी गई है, वहीं श्री हमेन्द्र मण्डावी को 0.10 हेक्टेयर क्षेत्र में बायोफ्लॉक पॉण्ड निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। इन इकाइयों से प्रतिवर्ष लगभग 10 टन मछली उत्पादन के साथ 4 से 5 लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा।
कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के माध्यम से केज कल्चर, बायोफ्लॉक एवं आधुनिक तालाब निर्माण जैसी तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे किसानों एवं मछुआरों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। इससे जिले की मत्स्य उत्पादन क्षमता में निरंतर इजाफा हो रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान मछली पालन विभाग के सहायक संचालक एस.के. साहू, सहायक मत्स्य अधिकारी डी.के. उर्वशा, मत्स्य निरीक्षक गौरांक वर्मा सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।