January 08, 2026
Hindi Hindi

निगम स्कूल के भीतर अवैध राशन दुकान, मासूम बच्चों की सुरक्षा पर खतरा — आयुक्त सुमित अग्रवाल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल ! Featured

  • Ad Content 1

दुर्ग / शौर्यपथ समाचार
नगर पालिका निगम दुर्ग के अधीन संचालित एक शासकीय विद्यालय परिसर में बिना अनुमति अवैध रूप से चल रही शासकीय राशन दुकान अब केवल नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि मासूम बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बन चुकी है। इसके बावजूद नगर निगम प्रशासन की चुप्पी और निष्क्रियता ने निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।
मामला वार्ड क्रमांक 35, दुर्ग नगर क्षेत्र का है, जहां नगर पालिका निगम दुर्ग के अधीन संचालित बाल मंदिर स्कूल के परिसर में लगभग 40 छोटे बच्चे प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इसी स्कूल परिसर के भीतर शासकीय राशन दुकान का अवैध संचालन लंबे समय से जारी है। आश्चर्यजनक तथ्य यह है कि यह सब निगम आयुक्त की जानकारी में होने और स्थानीय पार्षद द्वारा बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद हो रहा है।

पार्षद की शिकायतें, पर कार्रवाई शून्य
        वार्ड के पार्षद प्रतिनिधि सुरेश गुप्ता का कहना है कि उन्होंने इस अवैध रूप से बिना अनुमति के संचालित राशन दुकान को लेकर कई बार महापौर और निगम आयुक्त कार्यालय में शिकायतें की हैं। हर बार केवल आश्वासन मिला कि “कार्यवाही की जाएगी”, लेकिन आज तक ज़मीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
   यह स्थिति तब और गंभीर हो जाती है, जब यह स्कूल उसी विधानसभा क्षेत्र में स्थित है, जहां से प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री एवं स्थानीय विधायक गजेंद्र यादव आते हैं। मंत्री कार्यालय से महज़ 100–200 मीटर की दूरी पर स्थित स्कूल परिसर में इस तरह की लापरवाही न केवल निगम प्रशासन, बल्कि सरकार के ‘स्कूल सुरक्षा’ के दावों पर भी सवाल खड़े करती है।

छोटे कर्मचारियों पर सख्ती, बड़े मामलों पर चुप्पी?
          निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल की कार्यशैली पर सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं, क्योंकि एक ओर वे निगम कार्यालय में एक कमरे से दूसरे कमरे में बिना अनुमति कंप्यूटर या सामग्री ले जाने जैसे मामलों में कर्मचारियों को नोटिस थमाने, प्लेसमेंट कर्मचारियों को निलंबित करने जैसी कड़ी कार्रवाई करते नज़र आते हैं, वहीं दूसरी ओर निगम के अधीन चल रहे स्कूल परिसर में खुलेआम अवैध गतिविधि पर कार्रवाई करने से बचते दिख रहे हैं।
          यह दोहरा रवैया यह संकेत देता है कि दिखावटी प्रशासनिक सख्ती तो मौजूद है, लेकिन संवेदनशील और जिम्मेदारी वाले मामलों में निर्णय लेने का साहस कहीं न कहीं गायब है।

बच्चों की सुरक्षा या प्रशासनिक उदासीनता?
            प्रदेश सरकार लगातार यह दावा करती रही है कि स्कूलों की सुरक्षा, बच्चों की संरक्षा और शैक्षणिक वातावरण को सुरक्षित बनाने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। बावजूद इसके, स्कूल परिसर में राशन दुकान जैसी भीड़भाड़ वाली और असुरक्षित गतिविधि का संचालन अपने आप में गंभीर प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है।
देश और प्रदेश में स्कूल परिसरों में घट चुकी कई दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं के बाद भी यदि निगम प्रशासन इस तरह के मामलों को हल्के में ले रहा है, तो यह भविष्य की किसी बड़ी दुर्घटना को न्योता देने जैसा है।

सबसे बड़ा सवाल — जिम्मेदारी कौन लेगा?
अब सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि:क्या निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल मासूम बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तत्काल ठोस कार्रवाई करेंगे? या फिर किसी अप्रिय घटना, स्कूल परिसर में तालाबंदी या दुर्घटना के बाद ही प्रशासन जागेगा? और यदि कोई घटना घटती है, तो उसकी नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी कौन लेगा?
यह मामला केवल एक अवैध राशन दुकान का नहीं, बल्कि निगम प्रशासन की प्राथमिकताओं, जवाबदेही और संवेदनशीलता की कसौटी है।शहर की जनता और अभिभावक अब जवाब चाहते हैं, आश्वासन नहीं।

Rate this item
(0 votes)

Leave a comment

Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.

हमारा शौर्य

हमारे बारे मे

whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
 
CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
CONTECT NO.  -  8962936808
EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)