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सिंगल यूज प्लास्टिक पर सख्ती: नगरीय प्रशासन ने निकायों को जारी किया सख्त परिपत्र, अब दिखेगा ज़मीनी असर Featured

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  रायपुर / शौर्यपथ / सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभावों पर प्रभावी नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती देने के उद्देश्य से नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अंतर्गत राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) ने राज्य के सभी नगरीय निकायों को सख्त परिपत्र जारी किया है। परिपत्र में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही सभी नगरीय निकायों को सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगाने को लेकर की गई कार्यवाहियों की मासिक प्रगति रिपोर्ट स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के मिशन संचालक को अनिवार्य रूप से भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं।

सुडा द्वारा नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को भेजे गए परिपत्र में कहा गया है कि स्वच्छता दीदियों के माध्यम से डोर-टू-डोर अभियान चलाकर नागरिकों को सिंगल यूज प्लास्टिक के विकल्पों के प्रति जागरूक किया जाए। इसके साथ ही व्यावसायिक क्षेत्रों, साप्ताहिक बाजारों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक जन-जागरूकता अभियान संचालित करने और प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों पर आर्थिक दंड की व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

परिपत्र में यह भी कहा गया है कि सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने के लिए गैर-सरकारी संगठनों (NGOs), रहवासी कल्याण संघों (RWAs) एवं स्वसहायता समूहों की सहभागिता से घर-घर जागरूकता अभियान चलाया जाए। इसके अलावा शासकीय एवं अर्धशासकीय कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों को जोड़ते हुए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।

सुडा ने शहरों के तीर्थ स्थलों, पर्यटन स्थलों, प्रमुख चौक-चौराहों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, निस्तारी एवं गैर-निस्तारी तालाबों जैसे सार्वजनिक स्थलों पर विशेष अभियान चलाने पर भी जोर दिया है। इन अभियानों में जन-प्रतिनिधियों, धार्मिक गुरुओं, गणमान्य नागरिकों, स्वच्छताग्राहियों, ब्रांड एम्बेसडर्स, एन.जी.ओ. और स्वसहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

परिपत्र के माध्यम से नगरीय निकायों को यह भी निर्देशित किया गया है कि सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध को लेकर आयोजित सभी कार्यक्रमों और अभियानों का लोकल एवं क्षेत्रीय मीडिया तथा नगरीय निकायों के सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। साथ ही विद्यालय स्तर पर चित्रकला प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक और वेस्ट-टू-आर्ट प्रतियोगिताओं के आयोजन के जरिए बच्चों और युवाओं को भी इस अभियान से जोड़ा जाए।

नगरीय प्रशासन विभाग का यह कदम न केवल सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रभावी रोक लगाने की दिशा में अहम माना जा रहा है, बल्कि इससे स्वच्छ, हरित और पर्यावरण-संवेदनशील शहरों के निर्माण को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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शौर्यपथ

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