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धान उपार्जन व्यवस्था में पारदर्शिता के लिए राज्यभर में सघन कार्रवाई

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अवैध परिवहन, भंडारण व मिलिंग पर शासन सख़्त, कई जिलों में बड़ी जब्ती

रायपुर / शौर्यपथ।
छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष एवं किसान-हितैषी बनाए रखने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा अवैध धान परिवहन, भंडारण, विक्रय एवं मिलिंग अनियमितताओं के विरुद्ध राज्यव्यापी सघन अभियान चलाया जा रहा है। शासन के स्पष्ट निर्देशों के अनुरूप राजस्व, खाद्य, मंडी एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीमें अंतर्राज्यीय सीमाओं, धान खरीदी केंद्रों एवं राइस मिलों पर सतत निगरानी रखते हुए कठोर कार्रवाई कर रही हैं।

खाद्य सचिव श्रीमती रीना कंगाले ने कहा कि शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि धान उपार्जन का लाभ केवल वास्तविक किसानों को ही मिले। उन्होंने स्पष्ट किया कि फर्जी टोकन, बिचौलियों, मिलावट, अंतर्राज्यीय अवैध परिवहन तथा कस्टम मिलिंग में गड़बड़ी करने वालों के विरुद्ध प्रारंभिक स्तर पर ही सख़्त कार्रवाई की जा रही है। नियमों के उल्लंघन पर छत्तीसगढ़ चावल उपार्जन आदेश 2016, आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 एवं अन्य प्रासंगिक कानूनों के तहत कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

इसी क्रम में महासमुंद जिले में सरायपाली क्षेत्र के रेहटीखोल में उड़ीसा से अवैध रूप से लाए जा रहे 694 बोरा (लगभग 319 क्विंटल) धान से भरे एक ट्रक को जब्त किया गया। आवश्यक दस्तावेज नहीं पाए जाने पर वाहन को थाना सिंघोड़ा के सुपुर्द किया गया। जिले में बीते दो दिनों में कुल 2986 कट्टा अवैध धान जब्त किया गया है।

धमतरी जिले में धान उपार्जन में गंभीर अनियमितता पाए जाने पर प्राथमिक कृषि सहकारी साख समिति मर्यादित मोहदी के समिति प्रबंधक एवं ऑपरेटर को सेवा से पृथक कर दिया गया। निरीक्षण में मिलावटयुक्त धान, टोकन दुरुपयोग एवं अवैध बिक्री के प्रकरण सामने आए थे।

बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम बिलारी (सोनाखान) में संयुक्त टीम द्वारा 75 कट्टा धान सहित एक पिकअप वाहन जब्त किया गया, जबकि सरगुजा जिले में भौतिक सत्यापन के दौरान दो राइस मिलों में धान की भारी कमी पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ की गई है।

सबसे बड़ी कार्रवाई बिलासपुर जिले में सामने आई, जहां धान उठाव में गंभीर अनियमितता पर अमरनाथ एग्रो प्रोडक्ट राइस मिल को सील कर संचालक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई। मौके से 54 हजार क्विंटल से अधिक धान जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 16 करोड़ रुपये है। खाद्य विभाग के अनुसार जिले में अब तक 56 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का धान जब्त किया जा चुका है।

राज्य शासन ने दो टूक कहा है कि धान खरीदी, परिवहन, भंडारण एवं मिलिंग में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति, संस्था अथवा मिल संचालक के विरुद्ध बिना किसी ढिलाई के कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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शौर्यपथ

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