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पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जयंती , राजीव भवन में कांग्रेसजनों ने किया नमन

  • devendra yadav birth day

रायपुर / शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने देश के प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा प्रियदर्शनी गांधी जी को नमन करते हुए कहा कि देश के प्रति इंदिरा जी के योगदान को भूलाया नही सकता इंदिरा जी ने बैकों का राष्ट्रीयकरण किया, अनाज की कमी को दूर करने हरित क्रांति की शुरुवात कर कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाये। विश्व मे इंदिरा जी की पहचान एक मजबूत एवँ सशक्त नेतृत्वकर्ता के रूप में है उन्हें ऑयरन लेडी के नाम से जाना जाता है, देश इंदिरा जी को हमेशा याद करता है और हमेशा याद करता रहेगा। भाजपा सरकार बैंकों का निजीकरण कर बैंकों को डुबाने का काम कर रही है।गरीबो के पैसे बैंकों में डूब रहे है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि अमेरिका के खिलाफ दुनिया का कोई नेता काम नहीं करता। अमेरिका अन्य देशों को झुकने के लिये कहता है। लेकिन इंदिरा जी कभी नहीं झुकी। शांति सेना उन्होने बांग्लादेश भेजा। दुनिया में सबसे ज्यादा सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया वह इंदिरा जी के शासनकाल में ही किया। 90,000 सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया था। आज लोग हमसे राष्ट्रभक्ति का प्रमाण मांगते है। हमारी विरासत है कि हमारे नेताओं ने देश की एकता और अखंडता के लिये अपने प्राणों की आहूति दी, लेकिन ये लोग सत्ता के लिये दूसरे की बलि चढ़ा देते है। ये कह नहीं सकते कि हमने अपराध किया है। महात्मा गांधी कोर्ट में खड़े होकर कहते थे कि हां मैने अपराध किया है। ये कहते है कि बाबरी मजिस्द हमने नहीं गिराया। जेल जाने से डरने वाले ये मुखबिरी करने वाले लोग हमें राष्ट्रवाद की नसीहत देते है। यह दुर्भाग्य है। हमारे साथियों को भी मुंहतोड़ जवाब देना चाहिये। ये लोग राष्ट्रवाद की बात करते है। गौ माता की जय बोलते हैं, लेकिन इसी छत्तीसगढ़ में गौ मांस समेत उसकी हड्डियों और चमड़ी तक को बेचने वाले भाजपा हमें न सिखाए। हमने गौ सेवा की नीति पर काम किया है। गोबर खरीदी योजना से लेकर गौ पालकों तक के लिए योजनाएं चल रही है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि इंदिरा जी ने उस वक्त नारा दिया गरीबी हटाओं, तब भी लोग इंदिरा हटाओ का नारा दिया करते थे। आज उन्हें सिर्फ स्मरण करने से काम नहीं चलेगा। उनके बताए रास्ते पर चलने की जरूरत है। कट्टरपंथी लगातार हमला कर रहे है। वे सीना तान कर खड़े है। किसान, मजदूर खुशहाल हो, रोजगार मिले जो 2018 में चुनाव लड़े वो अदभुत था। दंतेवाड़ा में 12 हजार, चित्रकोट में 17 हजार, मरवाही साढ़े 38 हजार का रिकार्ड बनाया। जिस सीट को लेकर कहा जा सकता था कि कोई दूसरा उस सीट पर काबिज नहीं हो सकता लेकिन आज तक मरवाही में उतना वोट किसी को नहीं मिला। लोग कहते थे कि जोगी के 70 हजार वोट जिधर जाएंगे वह जीतेगा, लेकिन मरवाही की महान जनता को धन्यवाद कि उन्होने कांग्रेस पर भरोसा जताया। नगरीय निकाय, जिला पंचायत चुनाव हमने जीता। ऋणमाफी से लेकर 2500 रू. प्रति क्विंटल धान खरीदी, तेंदूपत्ता खरीदी व्यवस्था के अपने वादे को कांग्रेस ने पूरा किया, देश में सबसे ज्यादा फारेस्ट एक्ट के तहत जमीन आबंटन का काम हमने किया।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि इंदिरा गांधी बाल्यकाल से ही क्रांतिकारी विचारधारा से ओतप्रोत रही, आजादी की लड़ाई के दौरान उनकी बनाई वानर सेना गुप्तचर के रूप में काम करती थी, 19़42 के आंदोलन में इंदिरा गांधी ने जेल की यात्रा भी की, ऐसी महान नेता को तब विपक्ष के लोग गूंगी गुडिय़ा कहकर दुष्प्रचारित किया करते थे। आज भी उन्हे सबसे ज्यादा डर किसी से है वह गांधी-नेहरू परिवार से है, चाहे वह सोनिया जी हो, राहुल गांधी हो,उनके खिलाफ दुष्प्रचारित करने का कोई मौका नही छोड़ते, इंदिरा गांधी के नेतृत्व का जिक्र करते हुये उन्होने कहा कि नेहरू समेत अन्य नेताओं के सामने चुनौतिया रही है। लेकिन जो चुनौतिया इंदिरा गांधी के सामने थी, वह किसी के नेता के सामने नही रही, देश की चुनौतियों के साथ-साथ आंतरिक चुनौतियों से उन्हे जूझना पड़ा। पार्टी में दो फाड़ के हालात बने। पार्टी के अंदर और पार्टी के बाहर, देश के भीतर और देश के बाहर जिन चुनौतियों का सामना करते दिखाई नही पड़ता, शास्त्री जी के निधन के बाद इंदिरा जी ने जब प्रधानमंत्री पद संभाला, तब उनके क्रांतिकारी निर्णयों को दुनिया देखते रही, बैंक बड़े-बड़े लोगो के उपयोग में आते थे। किसान, मजदूर, गरीब, अनुसूचित जाति बैंक नही जाते थे। बैंको का राष्ट्रीयकरण इंदिरा जी ने किया था। आज क्या स्थिति है, धीरे-धीरे बैंक दिवालिया होते जा रहे है, सिर्फ कुछ लोगों तक इसे सीमित करने का काम किया जा रहा है। देश में जब अनाज की कमी थी, तब इंदिरा जी को अमेरिका के सामने हाथ फैलाना पड़ा था, वहा से अनाज मंगाया गया, देश की जनता का भरण-पोषण किया गया। उन्होने तब ठान लिया था कि अनाज के जरिए देश को आत्मनिर्भर करना है। इंदिरा जी ने देश के किसानो से आहान किया। हरित क्रांति का नारा दिया। किसानो ने इंदिरा जी के बाद से इतना अनाज का उत्पादन किया कि एनडीए सरकार के गोडाउन मे अनाज रखने की जगह नही, तीन साल तक भी अकाल पड़ जाए, तो देश के लोगो के लिए पर्याप्त अनाज है। यह व्यवस्था इंदिरा जी करके गई है। यह उनकी दूरदृष्टि रही है। वह ऐसी नेता रही है। उन्हे आदिवासियों से बहुत लगाव था, उन्हे प्रेम था। वह कहती भी थी कि पिछले जन्म में शायद मैं आदिवासी परिवार में जन्मी थी।

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