रायपुर । शौर्यपथ । छत्तीसगढ़ में तकनीक आधारित और नागरिक केंद्रित आपात सेवाओं को नई मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह 18 मई को “नेक्स्ट जनरेशन सीजी डायल-112 एकीकृत आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ईआरएसएस 2.0)” का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त विधि विज्ञान प्रयोगशाला की मोबाइल वाहन सेवा का भी उद्घाटन किया जाएगा।
कार्यक्रम से पहले प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा ने 17 मई को आयोजन स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध और सुव्यवस्थित ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
स्मार्ट सुशासन की दिशा में बड़ा कदम
“नेक्स्ट जनरेशन सीजी डायल-112” को छत्तीसगढ़ में स्मार्ट प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इस एकीकृत प्रणाली के माध्यम से पुलिस सहायता, अग्निशमन सेवा, चिकित्सीय आपात सहायता, महिला हेल्पलाइन, बाल हेल्पलाइन, आपदा प्रबंधन सहायता तथा राजमार्ग आपात सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध होंगी। नई व्यवस्था से नागरिकों को अधिक तेज, समन्वित और प्रभावी आपात सहायता मिल सकेगी।
अत्याधुनिक तकनीक से लैस होगी व्यवस्था
नई प्रणाली में केंद्रीकृत नियंत्रण एवं कमांड सेंटर, जीपीएस आधारित आपात वाहन, भौगोलिक सूचना प्रणाली आधारित वास्तविक समय निगरानी, कॉल स्थान की स्वतः पहचान प्रणाली तथा तकनीक आधारित त्वरित प्रेषण प्रबंधन जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल की गई हैं।
इस उन्नत व्यवस्था से अपराध नियंत्रण, महिला एवं बाल सुरक्षा, सड़क दुर्घटनाओं में त्वरित सहायता, चिकित्सीय आपात स्थितियों और अन्य जनसंकटों में प्रशासन की प्रतिक्रिया और अधिक प्रभावी होगी।
अब पूरे प्रदेश में मिलेगी सुविधा
वर्ष 2018 से संचालित डायल-112 सेवा के माध्यम से अब तक लाखों नागरिकों को आपात सहायता प्रदान की जा चुकी है। वर्तमान में यह सेवा प्रदेश के 16 जिलों तक सीमित है, लेकिन “नेक्स्ट जनरेशन सीजी डायल-112” लागू होने के बाद इसे छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों तक विस्तारित किया जाएगा।
यह पहल प्रदेश में आधुनिक तकनीक आधारित सुरक्षा एवं त्वरित सहायता व्यवस्था को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।