राजनांदगांव, / शौर्यपथ /
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने शुक्रवार को दिग्विजय स्टेडियम पहुंचकर शतरंज प्रशिक्षण ले रहे नन्हें खिलाड़ियों से मुलाकात की और उनकी प्रतिभा की सराहना की। इस दौरान उन्होंने कहा कि राजनांदगांव में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है और आने वाले समय में शहर को “शतरंज हब” के रूप में विकसित किया जाएगा।
डॉ. रमन सिंह ने कहा कि शतरंज केवल एक खेल नहीं, बल्कि बौद्धिक क्षमता और रणनीतिक सोच को विकसित करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि सरकार शतरंज को विशेष प्राथमिकता देते हुए ऐसी कार्ययोजना तैयार करेगी, जिससे राजनांदगांव राज्य में शतरंज का प्रमुख केंद्र बन सके।
उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों को केवल औपचारिक प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि वर्षभर निरंतर अभ्यास, प्रतियोगिताएं और विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। उभरती प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए हरसंभव सहयोग दिया जाएगा।
दिग्विजय स्टेडियम बनेगा “चैंपियंस की नर्सरी”
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि दिग्विजय स्टेडियम अब केवल खेल मैदान नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य के चैंपियन तैयार करने की नर्सरी के रूप में विकसित होगा। उन्होंने बताया कि स्टेडियम में लगभग 29 लाख रुपए की लागत से आधारभूत सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। साथ ही शतरंज जैसे बौद्धिक खेलों को बढ़ावा देकर युवाओं को नई दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है।
नन्हीं खिलाड़ी माहिका डाकलिया की प्रतिभा की सराहना
इस अवसर पर डॉ. रमन सिंह ने सात वर्षीय शतरंज खिलाड़ी माहिका डाकलिया से भी मुलाकात की। कक्षा दूसरी में अध्ययनरत माहिका ने आत्मविश्वास के साथ बताया कि वे गत वर्ष उड़ीसा के खुर्दा रोड में आयोजित राष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता में अंडर-7 वर्ग में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
नन्हीं खिलाड़ी की उपलब्धि और आत्मविश्वास से प्रभावित होकर विधानसभा अध्यक्ष ने उनकी सराहना की तथा उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षकों, अभिभावकों एवं खेल प्रेमियों में भी विशेष उत्साह देखने को मिला।